स्वास्थ्य विभाग का कारनामा,लाखो के एक्सपायरी व डेट वाली फेंकी मिली फुलवारी में, सीएस ने बनाई जांच टीम

स्वास्थ्य विभाग का कारनामा,लाखो के एक्सपायरी व डेट वाली फेंकी मिली फुलवारी में, सीएस ने बनाई जांच टीम

मोतिहारी। बिहार के स्वास्थ्य विभाग अपने कारनामे को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहता है ।कही अस्पताल में डाक्टर नदारद तो कही बेड से चादर गायब तो कही रात भर इलाज के लिए मरीज तड़पते रह जाते है। ताजा मामला मोतिहारी जिला के पताही पीएचसी का है। जहां मरीजो ंको दी जाने वाली भारी मात्रा में जीवन रक्षक दवा अस्पताल के बगल के फुलवारी में अस्पताल प्रबंधन द्वारा फेंक दिया गया। जब फेंकी गई जीवन रक्षक दवा की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी तो सीएस के निर्देश पर जांच टीम का गठन किया गया। वहीं पीएचसी प्रभारी से जबाब तलब किया गया।  जांच के दौरान फेंके गए एक्सपायरी दवा के साथ साथ बिना एक्सपायरी वाली मेडिसिन भी शामिल बताया गया है।

सीएस ने बनाई  टीम ने शुरू की जांच

पताही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पताही के  पूछे बगीचे में कई प्रकार के दवाई फेके जाने के मामले में सिविल सर्जन मोतीहारी के निर्देश पर पिएचसी प्रभारी डॉ मोहनलाल प्रसाद ने डॉ अमजद करीम के अध्यक्षता में पांच सदस्यीय टीम का गठन कर पिएचसी के पीछे दवाई फेके जाने के साथ स्टोर का जाँच करने का आदेश दिया है। जांच टीम ने डा अमजद करीम के नेतृत्व में गुरुवार को बगीचे में फेंके गए दवा की जांच किया गया साथ ही फेंके गए दवा का वीडियो ग्राफी कराने के बाद एकत्रित कर जांच को शीलबन्द कराया गया, साथ ही स्टोर में रखे गए दवाई का पंजी से जाच किया जा रहा है।

 वहीं पीएचसी प्रभारी प्रसाद ने अपने पत्रांक 87 दिनांक 3 फरवरी 2021 द्वारा स्टोर कीपर नागेश शंकर से किस परस्थिति में दवा फेंके जाने संबंधी जानकारी 24 घंटा में देने का निर्देश दिया गया है, साथ ही पत्र में कहा गया है कि आपके द्वारा स्टोर में किस परस्थिति में दवा एक्सपायर हुआ और दवा एक्सपायर की जानकारी आपके द्वारा पत्राचार दवा क्यो नही किया गया साथ ही दवा एक्सपायर होने पर बिना वरीय पदाधिकारी के आदेश के बिना आपके दवा दवा बगीचे में कैसे फेका गया , इसकी लिखित जानकारी देने का निर्देश दिया गया है।

यह दवाएं फेंकी हुई मिली 

जांच टीम द्वारा हजारों पीस एक्सपायर दवा के साथ ही बच्चा के पेट दर्द का  लैक्टिलोज सिरप 70 पीस जिसका एक्सपाएरिंग डेट जून 2021 है  बरामद किया गया है। साथ ही बगीचे से फेंके गए कई प्रकार के दवा को बरामद किया गया। ज्ञात हो कि पीएचसी के पीछे बगीचे में हजारों मूल्य की दवा फेंके जाने का फोटो वायरल हुआ था जिसके बाद वरीय पदाधिकारियों के निर्देश पर शुक्रवार को जांच किया गया। 

जांच के बाद नहीं होती कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग के बड़े से बड़े मामले स्पष्टीकरण के फाइलों में दब कर रह जाते है। 5 वर्ष पूर्व अरेराज अस्पताल की एक एएनएम द्वारा केंद्र पर बाटे जाने वाली हज़ारों की दवा को जलाने का मामला आया था।जो स्पष्टीकरण के फाइलों में दब कर रह गया। एक माह पूर्व अरेराज में जांच में डाक्टर व एएनएम की लापरवाही से प्रसव कक्ष में महिला मरीज की मौत मामले सामने आने के बाद स्पष्टीकरण मांगा गया। जो भी फाइलों में ही धूल चटा रहा है।अब देखना है कि इतनी बड़ी लापरवाही में सीएस द्वारा क्या करवाई की जा रही है।


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