आज भी गावस्कर के नम्बर वन दुशमन हैं इमरान

आज भी गावस्कर के नम्बर वन दुशमन हैं इमरान

News4Nation Desk- क्रिकेटर से राजनेता तक का सफ़र तय कर चुके इमरान खान ने आज पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली. इमरान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ को पाकिस्तान की जनता ने पसंद किया और अब देश का नेतृत्व इमरान के हाथों में हैं. इमरान जब आज पाक के 22वें प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ले रहे थे तो उस समारोह में भारतीय क्रिकेटर रहे नवजोत सिंह सिद्धू भी मौजूद थे. इमरान ने अपने क्रिकेट कैरियर के दौर के समकालीन भारतीय क्रिकेट खिलाडियों को ख़ास तौर पर शपथ ग्रहण समारोह में आने का न्योता भेजा था. इमरान खान ने सिद्धू के अलावे कपिल देव और सुनील गावस्कर को भी आमंत्रण भेजा लेकिन अकेले सिद्धू ही शपथ ग्रहण में शामिल हो सके. पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान कपिल देव ने साफ़ कर दिया था की वे कुछ निजी कारणों से इमरान के शपथ ग्रहण में शामिल नहीं हो रहे. लेकिन सुनील गावस्कर ने शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के पीछे कोई ख़ास वजह नहीं बताई. 

क्रिकेट के मैदान से जारी है अदावत 

भारत और पाकिस्तान के तीखे रिश्तों के कारन दोनों देशों का क्रिकेट रिलेशनशिप भी काफी तल्ख़ रहा है. इमरान ने एक हरफनमौला खिलाड़ी के तौर पर कप्तान रहते हुए पाक क्रिकेट को बुलंदियों पर पहुंचाया. इमरान एक बेहतरीन तेज गेंदबाज़ रहे लेकिन भारत से मैदान में टक्कर लेते वक़्त लिटिल मास्टर गावस्कर उनकी राह के सबसे बड़े रोड़े थे. टेस्ट क्रिकेट के उस दौर में गावस्कर का विकेट निकालने में इमरान का पसीना निकल जाता था. कई मैचों में गावस्कर की दीवार नहीं तोड़ पाने के कारन इमरान को ड्रा से संतोष करना पड़ता था. दोनों के बीच चैलेंज किस तौर पर था इस बात को समझाने के लिए गावस्कर ने खुद 1986 के एक वाकये का जिक्र किया है. ये वह साल था जब भारतीय टीम के इंग्लैंड दौरे के बाद गावस्कर संन्यास लेने का मन बना लिया था. इमरान खान को जैसे ही गावस्कर के इस फैसले की जानकारी हुई उन्होंने गावस्कर को सीधी चुनौती दे डाली. तब इमरान ने गावस्कर को कहा था - अभी आप रिटायर नहीं हो सकते... मैं अगले साल पकिस्तान टीम को लेकर भारत आ रहा हूँ मेरी तमन्ना आपको भारत की जमीन पर हारते हुए देखने की है... अगर आप हारने वाली भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल नहीं होंगे तो मुझे मज़ा नहीं आएगा. इमरान की इस चुनौती के बाद गावस्कर ने सन्यास के फैसला टाल दिया था. इमरान और गावस्कर की दुश्मनी ऐसी रही है. ऐसे में यह मान लेना आसन नहीं की गावस्कर बेवजह इमरान के शपथ ग्रहण में शामिल नहीं हुए. 

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