गया में नक्सलियों ने की दो लोगों की हत्या, वारदात के बाद पर्चा छोड़ा- ये तो बस झांकी है

गया में नक्सलियों ने की दो लोगों की हत्या, वारदात के बाद पर्चा छोड़ा- ये तो बस झांकी है

Gaya: बिहार का गया एक बार फिर नक्सलियों के हमले से दहल गया है. अहले रात करीब 10 बजे नक्सलियों ने इमामगंज के डुमरिया में हमला कर दो लोगों को मौत के घाट उतार दिया, वही एक गंभीर रूप से घायल है. नक्सलियों ने पुलिस और भू माफियाओं के गठजोड़ के खिलाफ हमला बोला है.

नक्सलियों ने जो परचे हत्या के बाद घटनास्थल पर छोड़ा है उसमें लिखा है कि पुलिस दलाल व भूमाफिया महेंद्र यादव का सफाया किया गया है. दूसरी पंक्ति में लिखा है पुलिस दलाल व भू माफिया महेंद्र यादव पर कार्रवाई एक झांकी है. पुलिस दलाल व भूमाफिया को सफाया होना अभी बाकी है. चौथे बिंदु को नामांकित करते हुए पुलिस दलाल माफिया को ध्वस्त करने का ऐलान तथा गांव गांव में किसान कमेटी निर्माण करने की ग्रामीणों से अपील की है. अंतिम पंक्ति में इंकलाब जिंदाबाद , भाकपा माओवादी जिंदाबाद लिखा है. निवेदक में भाकपा माओवादी लाल शब्दों से साफ-साफ लिखा हुआ है.

इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है , लोग सहमे हुए हैं. घटनास्थल पर पहुंचे इमामगंज के डीएसपी अजीत कुमार ने बताया कि आज सुबह 10:00 बजे भारी संख्या में आए तथाकथित माओवादियों ने इस घटना को अंजाम दिया है. अजीत कुमार ने कहा कि घटनास्थल पर छोड़े पर्चा को जब्त कर लिया गया है. साथ ही इलाके की घेराबंदी कर गया पुलिस, सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन के संयुक्त अभियान में छापेमारी की जा रही है.

जिले के डुमरिया प्रखंड अंतर्गत मैगरा थाना क्षेत्र में बेखौफ अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर 2 लोगों की हत्या  कर दी है. जबकि गंभीर रूप से एक घायल को प्राथमिक इलाज के बाद पटना के लिए रेफर किया गया है. घटना में मैगरा थाना के हरनी गांव की है. मृतक के भतीजा मुन्ना कुमार ने बताया कि बीती देर रात महेंद्र यादव अपने घर के बाहर रामदयाल रजक और दुलारचंद साव के साथ बैठकर बातचीत कर रह थे. करीब 10.30 बजे तीन से चार अपराधी आकर अंधाधुंध फायरिंग  करने लगे. इस दौरान अपराधियों ने 10 से 15 राउंड फायरिंग की जिसमें घर के मालिक महेंद्र यादव और रामदयाल की मौत हो गयी जबकि दुलारचंद साव घायल हो गये.  स्थानीय लोग तीनों को इमागंज पीएचसी लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने दो को मृतक घोषित कर दिया जबकि तीसरे घायल को प्राथमिक उपचार के बाद पटना रेफर कर दिया. मृतक महेन्द्र के भांजा वीरेन्द्र कूमार ने बताया कि कि तीनों घर के बाहर बातचीत कर रहे थे. बाकी लोग घर के अंदर थे. तभी ताबड़तोड़ फायरिंग की आवाज सुनाई पड़ी जिसके बाद वे लोग दौड़ कर घर से निकले तो तीन से चार अपराधियों को हथियारों के साथ देखा. अपराधी घर से निकलने पर सभी को गोली मार देने की धमकी देते हुए भाग गये. वे  लोग जब घर से बाहर निकले तो तीनों को खून से लथपथ देखा. उन लोगों ने तुरंत तीनों को इमामगंज सीएचसी लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने दो लोगों को मृत घोषित कर दिया.


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