गया का पितृपक्ष मेला इस साल होगा ऐतिहासिक, रबर डैम के पानी से पिंडदानी करेंगे तर्पण, तैयारियों का डीएम ने लिया जायजा

गया का पितृपक्ष मेला इस साल होगा ऐतिहासिक, रबर डैम के पानी से पिंडदानी करेंगे तर्पण, तैयारियों का डीएम ने लिया जायजा

GAYA : आगामी 9 सितंबर से शुरू होने वाले विश्व विख्यात पितृपक्ष मेला इस बार ऐतिहासिक होगा। इसके लिए गया के जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन  लगातार बैठक कर रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को पंडा समाज, स्थानीय प्रतिनिधि, समाज सेवियों के साथ ही संवाद सदन समिति में बैठक कर तैयारियों की जानकारी लेते हुए कई आवश्यक निर्देश दिए। ताकि इस बार पितृपक्ष मेला को ऐतिहासिक बनाया जा सके। 


इस पितृपक्ष मेला को चार चांद लगाने के लिए बिहार का पहला रवर डैम भी बनकर तैयार हो जाएगा। जहां कम से कम 1 फीट पानी रहेगा। ंइस बार दूरदराज से आने वाले तीर्थयात्री रबर डैम के पानी से पिंडदान व तर्पण कर सकेंगे। इसी क्रम में आज गया के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन  ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने विष्णुपद मेला क्षेत्र में विभिन्न व्यवस्थाओ का जायजा लेते हुए सड़कों की मरम्मत , पेयजल व्यवस्था , शौचालय , नल सहित साफ-सफाई को लेकर संबंधित अधिकारियों को अधूरे कामों को जल्द पूरा करने का सख्त निर्देश दिया। 

इस संबंध में जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन  ने बताया कि बिहार का पहला रवर डैम पितृपक्ष मेला के पहले ही बनकर पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। रबर डैम का काम तेजी से दिन- रात हो रहा है। जहां इस बार पितृपक्ष मेला के दौरान कम से कम 1 मीटर तक पानी लोगों को मिलेगा। यहाँ पिंडदानी अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण कर सकेंगे। 

उन्होंने बताया कि इस बार पितृपक्ष मेला ऐतिहासिक रहेगा। हर बार फल्गु नदी में जो समस्या रहती है, वो इस बार नहीं रहेगी। पिंडदानी को जो भी समस्या आ सकती है उनके अनुरूप हम लोग समीक्षा करेंगे। प्रबंधन कारिणी समिति सदस्य , पंडा समाज के लोग उसे अतिशीग्र पूरा करने की कोशिश करेंगे।

गया से मनोज कुमार की रिपोर्ट 

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