गोल इंस्टीट्यूट का गौतम बना बिहार एवं झारखंड का नीट टॉपर

गोल इंस्टीट्यूट का गौतम बना बिहार एवं झारखंड का नीट टॉपर

PATNA : मेडिकल के क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित करते हुए गोल इन्सटीट्यूट का गौतम बिहार एवं झारखण्ड में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए नीट में जेनरल 32 रैंक लाकर प्रदेश का मान बढ़ाया है।

आइए जानते हैं टॉपर से जूड़ी महत्वपूर्ण जानकारी:

प्रश्नः गौतम, आपके ऑल इंडिया रैंक 32 जेनरल लाने पर आपको ढ़ेरों शुभकामनाएं। इस उपलब्धि पर आपको कैसी अनुभूति हो रही है? 

गौतमः धन्यवाद। बहुत अच्छा लग रहा है, कई वर्षों का मेरा तपस्या, माता-पिता और हमारे शिक्षक का उम्मीद एवं परिश्रम आज सम्मानित हो रहा है। मैं समझता हूँ इससे अच्छा दिन किसी छात्रा के लिए नहीं हो सकता ।

प्रश्नः आपके परिवार में कौन-कौन से लोग हैं, और आपका फैमिली बैकग्राउंफड क्या है?

गौतमः हमारे परिवार में मेरे माता-पिता के अलावा बड़े भाई हैं। मैं नालंदा जिला-बिहार, के एक छोटे से गांव ‘‘सारे’’ का रहने वाला हूँ। हमारे पिता जी रांची में प्राईवेट कंपनी में नौकरी करते हैं और हमारा परिवार लोअर-मिडिल क्लास फैमिली है।

प्रश्नः आपने शिक्षा कहां से प्राप्त किया?

गौतमः मैनें रांची के संत माइकल स्कूल से 10वीं तक की पढ़ाई की है और 12वीं सी.बी.एस.ई. बोर्ड से 93% मार्क्स के साथ पास किया।

प्रश्नः आपने मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कहां से किया और किसके गाइडेंस के कारण आप ने वहां एडमिशन लिया?

गौतमः हमारे बड़े भाई गौरव कुमार के कहने पर मैनें गोल इन्सटीट्यूट में एडमिशन लिया और शायद यह हमारे लिए अभी तक का सबसे अच्छा निर्णय था। हमारे पैरेंट्स का भी हमें बहुत सपोर्ट मिला। मैने मेडीकल की पूरी तैयारी इसी इन्सटीट्यूट से किया है।

प्रश्नः गोल इन्सटीट्यूट में तैयारी के लिए आपको क्या क्या सहयोग प्राप्त हुआ ?

गौतमः मैं गोल इन्सटीट्यूट में 10वीं परीक्षा के तुरंत बाद फाउण्डेशन बैच में एडमिशन लिया। गोल इन्सटीट्यूट में सभी शिक्षकों द्वारा कॉम्पीटीशन  के नए पैटर्न पर हमे टिचींग मिला, यहाँ पढ़ाई के बीच में एक नियमित अंतराल पर लगातार टेस्ट के द्वारा प्रैक्टिस का फायदा मिला और गोल इन्सटीट्यूट का एकेडमिक प्लान इतना अच्छा है कि कोई भी छात्रा अगर उसे अच्छे से फॉलो करे तो साधरण छात्रा भी सफलता की सर्वश्रेष्ठ उफँचाईयों को छू सकता है। यहां का गाइडेंस किसी भी छात्रा को सही रास्ते पर चलने को प्रेरित करता है एवं मोटिवेशनल प्रोग्राम नए जोश के साथ उर्जावान होकर लगातार पढ़ाई के लिए प्रेरित करता है। यहां लोग संस्था की तरह नहीं बल्कि परिवार के सदस्य की तरह पर्सनल केयर करते हैं। यही कारण है कि मैने पहली बार में ही बोर्ड परीक्षा के साथ-साथ मेडिकल में इतनी बड़ी सपफलता हासिल किया। 

प्रश्नः मेडिकल की तैयारी कर रहे छात्रों को आप क्या सन्देश देना चाहेंगे?

गौतमः अपने लक्ष्य पर फोकस होकर डेडिकेशन के साथ लगातार मेहनत करें एवं गोल जैसे संस्थान के मार्गदर्शन में अपनी तैयारी को सपफलता के शिखर तक पहुँचाएँ।

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