बिहार में बड़ा होने वाला है! बिहार में जारी सियासी बैठकों के बीच भाजपा के शीर्ष नेता हुए दिल्ली रवाना, अब मोदी-शाह लेंगे फैसला

बिहार में बड़ा होने वाला है! बिहार में जारी सियासी बैठकों के बीच भाजपा के शीर्ष नेता हुए दिल्ली रवाना, अब मोदी-शाह लेंगे फैसला

पटना. बिहार में जारी सियासी बवाल के बीच नीतीश कुमार की जदयू सहित राजद, कांग्रेस, वाम दल और हम के विधायकों-सांसदों की पटना में बैठक हो रही है. वहीं दूसरी और बिहार भाजपा के शीर्ष नेता दिल्ली रवाना होने लगे हैं. बिहार से निर्वाचित अधिकांश भाजपा नेता दिल्ली में हैं. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल दिल्ली में संसद सत्र में शामिल हो रहे हैं. इस बीच, पटना साहिब के सांसद रविशंकर प्रसाद भी पटना से दिल्ली गए हैं. सूत्रों के अनुसार उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन भी दिल्ली के लिए रवाना होने वाले हैं. कई अन्य भाजपा नेता भी अगले दिल्ली जा सकते हैं और केंद्रीय नेतृत्व से मिलने की संभावना है. 

सूत्रों के अनुसार बिहार भाजपा के नेताओं की जदयू और राजद की कथित रूप से नजदीकियां बढने की खबरों से चिंता बढ़ गई है. इसी कारण राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा के लिए बिहार भाजपा के नेता दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर सकते हैं. बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा हो सकती है. सूत्रों के अनुसार  प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल  सहित अन्य बिहार भाजपा के शीर्ष नेता दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा करेंगे. 

बिहार में सियासी हवा अचानक से बदल गई है. भाजपा को छोड़कर शेष सभी दलों के विधायकों और सांसदों की अगले 48 घंटे में पटना में बैठक होनी है. खासकर जदयू सांसदों की मंगलवार को होने वाली बैठक काफी अहम है. कयासबाजी लगने लगी है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कुछ बड़ा निर्णय लेंगे. हो सकता है कि वे एनडीए में जदयू के भविष्य को लेकर नेताओं से चर्चा करें और किसी बड़े राजनीतिक बदलाव पर निर्णय लें. 


नीतीश कुमार की बैठक पर सियासी निगाहें लगी हुई हैं. इस बीच, सोमवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा ने कहा कि बीजेपी की निती से जनता परेशान है. कांग्रेस ने भी अपने सभी विधायकों को सोमवार शाम तक पटना बुलाया है. सबसे खास बात यह भी है कि राजद भी अपने विधायकों के साथ बैठक कर रही है. इस बैठक का मुख्य एजेंडा आने वाले समय में संभावित राजनीतिक बदलाव पर चर्चा होना माना जा रहा है. इन सबके बीच पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी की पार्टी हम भी मंगलावर को विधायकों संग बैठक कर रही है. वहीं वाम दल के नेता भी बैठक की तैयारी में हैं. 

इन सभी बैठकों के बीच भाजपा के कई नेताओं का दिल्ली रवाना होना अब नई कयासबाजी को जन्म दे रहा है. बिहार विधानसभा में सीटों की कुल संख्या 243 है. यहां बहुमत साबित करने के लिए किसी भी पार्टी को 122 सीटों की जरूरत है. वर्तमान आंकड़ों को देखें तो बिहार में सबसे बड़ी पार्टी राजद है. उसके पास विधानसभा में 79 सदस्य हैं. वहीं, भाजपा के पास 77, जदयू के पास 45, कांग्रेस के पास 19, कम्यूनिस्ट पार्टी के पास 12, एआईएमआईएम के पास 01, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के पास  04 सदस्य हैं. इसके अलावा एक अन्य विधायक हैं.


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