सुशासन के धन-कुबेर अफसर! DTO रजनीश से पहले MVI अमिताभ के ठिकानों पर EOU ने की थी छापेमारी, 2018 से अब तक हैं निलंबित

सुशासन के धन-कुबेर अफसर! DTO रजनीश से पहले MVI अमिताभ के ठिकानों पर EOU ने की थी छापेमारी, 2018 से अब तक हैं निलंबित

Patna: अकूत संपत्ति अर्जित करने वाले मुजफ्फरपुर के DTO को सरकार ने निलंबित कर दिया है।  24 जून को मुजफ्फरपुर DTO रजनीश लाल के ठिकानों पर निगरानी ब्यूरो ने छापेमारी की थी। रेड में 51 लाख नकद समेत अन्य संपत्ति के कागजात,सोने चांदी मिले थे। परिवहन विभाग ने 7 जुलाई को सामान्य प्रशासन विभाग को इसकी जानकारी दी और कार्रवाई की सिफारिश की थी। इसके बाद DTO रजनीश लाल को निलंबित कर दिया गया है। डीटीओ रजनीश लाल के निलंबन के बाद  परिवहन विभाग में अकूत संपत्ति अर्जित करने वालों की लिस्ट पर चर्चा शुरू हो गई है। आर्थिक अपराध इकाई ने नवंबर 2017 में एक धन-कुबेर एमवीआई के ठिकानों पर छापेमारी की थी। छापेमारी में अकूत संपत्ति का पता चला था। इसके बाद परिवहन विभाग ने अपने धन-कुबेर एमवीआई अमिताभ कुमार को निलंबित कर दिया था।2018 से साल 2021 का आधा समय खत्म हो गया। धन-कुबेर एमवीआई अभी तक निलंबित चल रहे। जांच और विभागीय कार्यवाही की गाड़ी अब तक आगे नहीं बढ़ी है।

धन-कुबेर एमवीआई तीन साल से अधिक समय से निलंबित

बता दें, नवंबर 2017 में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की टीम ने पटना के बाद शिवहर में पदस्थापित किये गये एमवीआई अमिताभ कुमार के पटना समेत तीन जिलों में चार ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। छापेमारी में ‘धन कुबेर’ बने एमवीआई (मोटर यान निरीक्षक) की करोड़ों की संपत्ति की हकीकत सामने आ गई थी। जांच टीम ने राजधानी के आनंदपुरी मुहल्ले में स्थित एमवीआई अमिताभ के निजी घर व किराए के फ्लैट में चल रहे प्राइवेट ऑफिस के अलावा बक्सर के कोपवां गांव स्थित पैतृक घर व शिवहर में ऑफिस को खंगाला था। छापेमारी में घर में 950 ग्राम सोने के आभूषण मिले। 2 लाख नकद व शॉपिंग कार्ड बरामदगी के साथ ही एमवीआई व उनकी पत्नी के नाम बैंकों में 28 लाख कैश डिपॉजिट था। पटना से दिल्ली तक रियल एस्टेट, बैंक व वित्तीय संस्थानों में निवेश का पता चला,बैंक लॉकर का भी पता चला था।अमिताभ कुमार की पत्नी के नाम से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, आंध्रा बैंक और आईडीबीआई बैंक में 7 अकाउंट्स का पता चला था। नौकरी में छह साल पहले आये एमवीआई के घर में अकूल संपत्ति का पता चलने पर तब आर्थिक अपराध के अधिकारी भी भौंचक्के रह गये थे। ईओयू की रेड के बाद परविहन विभाग ने निलंबित कर दिया था। तब से वो अधिकारी निलंबित ही चल रहे । 

पटना डीटीओ के आवास पर छापेमारी में मिले 51 लाख 

बता दें, निगरानी ब्यूरो ने 24 जून 2021 को मुजफ्फरपुर के साथ सारण के प्रभार में चल रहे जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) रजनीश लाल के पटना, मुजफ्फरपुर के ठिकानों पर छापा मारा था। डीटीओ पर आरोप है कि उन्होंने अपने वैध स्रोत के अलावा 1.24 करोड़ रुपये अधिक की संपत्ति अवैध तरीके से अर्जित की है। दो स्थानों पर हुई छापामारी के दौरान निगरानी ब्यूरो को 51 लाख रुपये से अधिक नकद, 60 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण के साथ जमीन और बैंक के साथ एलआइसी में निवेश के दस्तावेज हाथ लगे। पटना के अलावा डीटीओ के मुजफ्फरपुर के दाउदपुर कोठी स्थित आवास पर भी निगरानी ने धावा बोला। यहां से टीम ने 37 हजार रुपये बरामद किए थे।

परिवहन विभाग में कई रजनीश लाल

 वैसे परिवहन विभाग में रजनीश लाल कोई अकेले ऐसे अधिकारी नहीं बल्कि ऐसे  कई अधिकारी-कर्मी हैं जिनके ऊपर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज है। पटना के तत्कालीन MVI अमिताभ कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में केस दर्ज है । विभाग ने उस MVI को निलंबित किया जो आज तक निलंबित है। वहीं पटना डीटीओ दफ्तर में हुए करोड़ो के घोटाले में अफसर और कर्मी की मिलीभगत की बात सामने आई है। परिवहन विभाग के अधिकारी इतने बड़े घोटाले में सिर्फ एक अदना सा कर्मी को सस्पेंड कर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश में जुटे हैं. 

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