अमृता प्रीतम की 100वीं वर्षगाँठ पर गूगल ने डूडल बनाकर उन्हें सम्मानित किया

अमृता प्रीतम की 100वीं वर्षगाँठ पर गूगल ने डूडल बनाकर उन्हें सम्मानित किया

गूगल ने आज डूडल बनाकर अमृता प्रीतम के 100 वें जन्मदिन को सम्मानित किया है।अमृता प्रीतम  इतिहास की सबसे प्रमुख महिला पंजाबी लेखकों में से एक, अमृता प्रीतम का जन्म आज से 100 साल पहले ब्रिटिश भारत के गुजरांवाला में हुआ था। 


अमृता प्रीतम को समर्पित गूगल डूडल उनकी आत्मकथा काला गुलाब का एक संदर्भ है, जिसमें उनके निजी जीवन के कई विवरणों का खुलासा किया गया है जो महिलाओं को प्यार और शादी के अपने अनुभवों के बारे में अधिक खुलकर बोलने में मदद करने के लिए उत्प्रेरक के रूप में कार्य करता है। 


अमृता प्रीतम ने कविता का अपना पहले संग्रह का प्रकाशन केवल 16 वर्ष की आयु में किया था। उन्हें 1947 के विभाजन पर आधारित "अज अखाखें वारिस शाह नू" की कविता के लिए व्यापक रूप से याद किया जाता है। ये कविता 18 वीं सदी के सूफी कवि वारिस शाह के एक संदर्भ में है जिसका मतलब होता है- "मैं आज वारिस शाह का आह्वान करता हूँ।"


1986 में अमृता प्रीतम को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया। छह दशक के अपने करियर के विस्तार में, अमृता प्रीतम को 1981 में भारतीय ज्ञानपीठ साहित्य पुरस्कार सहित कई पुरस्कार मिले। उन्हें 2005 में पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया गया था।

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