गोपालगंज शराबकांड में पुलिस मुख्यालय का बड़ा खुलासा, आरोपी पुलिस अफसरों-कर्मियों को मिली थी कम सजा.....

गोपालगंज शराबकांड में पुलिस मुख्यालय का बड़ा खुलासा, आरोपी पुलिस अफसरों-कर्मियों को मिली थी कम सजा.....

PATNA: बिहार में नई सरकार के गठन के बाद सीएम नीतीश ने लॉ एंड ऑर्डर पर हाईलेवल मीटिंग की थी। इसके बाद अब पुलिस मुख्यालय हरकत में आया है। पुलिस मुख्यालय का दावा है कि भ्रष्टाचार व शराबबंदी को लेकर पुलिस जीरो टॉलरेंस पर काम कर रही है। हालांकि पुलिस मुख्यालय खुद इस बात को स्वीकार कर रहा कि गोपालगंज  शराब कांड में आरोपी पुलिसकर्मियों को कम सजा दी गई थी।

 पुलिस मुख्यालय की तरफ से इस आरोप की पुष्टि भी की गई है। पुलिस मुख्यालय ने बताया है कि गोपालगंज में 2016 में अवैध शराब बिक्री की वजह से लोगों की मौत हुई थी. इस मामले में आरोपित पुलिसकर्मियों को आरोप की तुलना में कम सजा दी गई थी. पुलिस मुख्यालय ने जब इसकी समीक्षा की तो पाया कि 48 मामलों में आरोप की तुलना में अपर्याप्त सजा दी गई थी. इसके बाद पुलिस मुख्यालय की तरफ से समीक्षा की गई तथा वैसे आरोपियों को वृहद दंड से दंडित किया गया.


पुलिस मुख्यालय ने बताया कि इनमें 23 पदाधिकारियों को सेवा से बर्खास्त किया गया तथा 5 सेवानिवृत्त पदाधिकारियों के पेंशन में कटौती की गई. पुलिस मुख्यालय की तरफ से बताया गया है कि बिहार पुलिस भ्रष्टाचार के प्रति 0 टॉलरेंस की नीति के तहत काम करती है। वर्ष 2020 में नवंबर माह तक मद्य निषेध अधिनियम व बालू के अवैध खनन एवं परिवहन, भूमि संबंधी मामलों एवं अन्य भ्रष्टाचार के मामले में पदाधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की गई है. बड़े पदाधिकारियों के विरुद्ध 48 विभागीय कार्यवाही संचालित हैं. इनमें से भारतीय पुलिस सेवा के दो पदाधिकारियों को बृहद सजा दी गई है एवं चार अफसरों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित है. बिहार पुलिस सेवा के 7 पदाधिकारियों को वृहद सजा दी गई है एवं 25 पदाधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित है. अराजपत्रित पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध 606 विभागीय कार्रवाई संचालित हैं. इनमें से 85 पदाधिकारियों को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है।

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