बिहार के 2 सस्पेंड IPS अफसरों को सरकार ने नहीं दी रियायत, निलंबन अवधि को 6 महीनों के लिए बढ़ाया

बिहार के 2 सस्पेंड IPS अफसरों को सरकार ने नहीं दी रियायत, निलंबन अवधि को 6 महीनों के लिए बढ़ाया

पटना. बालू खनन में अवैध कमाई के आरोप में निलंबित बिहार के 2 आईपीएस अफसरों को सरकार ने कोई रियायत नहीं दी है। नीतीश सरकार ने एक बार फिर से दोनों आईपीएस अफसरों के निलंबन अवधि को 6 माह के लिए बढ़ा दिया है। दोनों अफसरों का निलंबन अवधि 22 जनवरी को खत्म हो रहा था। जिसे 180 दिन यानी 21 जुलाई 2022 तक विस्तारित की गई है। गृह विभाग ने इस संबंध में पत्र जारी कर दिया है।

आर्थिक अपराध इकाई की जांच में भोजपुर के तत्कालीन एसपी राकेश दुबे एवं औरंगाबाद के तत्कालीन एसपी सुधीर कुमार पोरीका बालू खनन के अवैध धंधे में संलिप्त पाए गए थे। इनके खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई ने रिपोर्ट भेजी थी। इसके बाद राज्य सरकार ने 27 जुलाई 2021 को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया था। फिर निलंबन की अवधि 4 माह के लिए विस्तारित की गई थी जो 22 जनवरी 2022 को समाप्त हो रहा था। आईपीएस अफसर राकेश दुबे के खिलाफ विभागीय कार्यवाही संचालित है। लिहाजा उनके निलंबन अवधि को 6 माह के लिए विस्तारित कर दिया गया है।

वहीं, औरंगाबाद के निलंबित एसपी सुधीर कुमार पोरिका को भी बालू खनन में संलिप्तता के आरोप में 27 जुलाई 2021 को ही निलंबित किया गया था। निलंबन अवधि को बीच में 4 महीनों के लिए विस्तारित करते हुए 22 जनवरी 2022 तक बढ़ाया गया था। अब एक बार फिर से सरकार ने निलंबन अवधि को 6 माह के लिए बढ़ा दिया है। यानी दोनों निलम्बित आईपीएस अफसर 27 जुलाई 2022 तक ससपेंड रहेंगे।

 

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