सरकार का खुलासाः बिहार में उद्योग लगाने के लिए 1686 आवेदन आये, 364 इकाईयों को मिला वित्तीय क्लीयरेंस..278 ने शुरू किया काम

सरकार का खुलासाः बिहार में उद्योग लगाने के लिए 1686 आवेदन आये, 364 इकाईयों को मिला वित्तीय क्लीयरेंस..278 ने शुरू किया काम

PATNA: बिहार में उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2016 लागू की गई है. यह नीति 31 मार्च 2025 तक प्रभावी है. भाजपा के विधायक नीतीश मिश्रा के तारांकित प्रश्न पर उद्योग विभाग ने यह जवाब दिया है.दरअसल भाजपा विधायक नीतीश मिश्रा ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से सरकार से पूछा कि क्या यह बात सही है कि राज्य में एक सर्व सुलभ नई औद्योगिक नीति नहीं रहने के कारण उद्योगों की स्थापना हेतु पूंजी निवेशकों को आकर्षित करने में कठिनाई हो रही है. जिसके कारण नए उद्योगों की स्थापना नहीं हो रही. क्या सरकार नई औद्योगिक नीति बनाने का विचार रखती है ? 

उद्योग विभाग ने दिया है जवाब

उद्योग विभाग ने जो ऑनलाइन जवाब दिया है उसके अनुसार बिहार में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति लागू है उसके तहत विशेष प्रोत्साहन पैकेज के तहत स्टांप ड्यूटी एवं निबंधन शुल्क तथा भूमि सम परिवर्तन शुल्क में 100% छूट, ब्याज अनुदान कर संबंधी अनुदान एवं विद्युत शुल्क प्रतिपूर्ति इसके अतिरिक्त sc-st अति पिछड़ा वर्ग, महिला दिव्यांग, वार विडो, एसिड अटैक पीड़ित तथा थर्ड जेंडर के उद्यमी हेतु अतिरिक्त प्रोत्साहन देने का प्रावधान है. साथ ही उच्च प्राथमिकता क्षेत्र में स्थापित होने वाली इकाइयों को नियोजन खर्च, सहायता एवं कौशल विकास सहायता भी दिया है.

2016 से 1686 आवेदन आये,सिर्फ 364 को क्लीयरेंस दिया गया

बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2016 के लागू होने के बाद कुल 1686 ऑनलाइन आवेदन सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम पोर्टल पर प्राप्त हुए. जिसमें 1369 इकाइयों में से कुल 364 इकाइयों को वित्तीय प्रोत्साहन क्लीयरेंस दिया गया है.इनमें से 278 इकाई कार्यरत हो चुके हैं .औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2016 में संशोधन कर इथेनॉल को उच्च प्राथमिकता क्षेत्र में रखा गया है. जिसके तहत इथेनॉल की अधिक से अधिक इकाई स्थापित होने की संभावना है. साथ ही इस नीति के अंतर्गत निजी औद्योगिक पार्क की स्थापना करने पर भी प्रोत्साहन दिए जाने का प्रावधान है. साथ ही निवेश को आकर्षित करने और कोविड-19 के कारण बिहार में लौटे श्रमिकों को रोक रखने को लेकर रोजगार देने के उद्देश्य से विशेष प्रोत्साहन पैकेज की व्यवस्था की गई है. निजी निवेश को द्वारा यदि इकाई स्थापित की जाती है तो सरकार के प्रावधान के तहत आवश्यक सहायता प्रदान की जाती है.

उद्योग विभाग शिक्षित युवक-युवतियों को रोजगार स्थापित करने हेतु कई कार्यक्रम चला रही है. इसके अतिरिक्त कृषि विभाग के द्वारा भी बिहार कृषि निवेश प्रोत्साहन नीति 2020 पूरे राज्य में लागू है. इसके तहत 25लाख से 5 करोड़ तक की परियोजनाओं के लिए व्यक्तिगत निवेश के लिए 15% पूंजीगत अनुदान फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के लिए 25% पूंजीगत अनुदान का प्रावधान किया गया है.

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