विश्वविद्यालयों की लापरवाही के कारण सरकार को करना पड़ता है शर्मिंदगी का सामना : शिक्षा मंत्री

विश्वविद्यालयों की लापरवाही के कारण सरकार को करना पड़ता है शर्मिंदगी का सामना : शिक्षा मंत्री

PATNA : विश्वविद्यालयों की लापरवाही के कारण सरकार को कई बार शर्मिंदा होना पड़ता है। यह कहना है बिहार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी का। उन्होंने कहा कि बिहार के विश्वविद्यालयों से शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की रिक्तियां तक समय पर नहीं दी जा रही, जिसके कारण उन सीटों को भरने में मुश्किल आती है। उच्च शिक्षण संस्थाओं में नामांकन की समुचित जानकारी नहीं दी जा रही है। इससे बिहार को कई बार शर्मिंदा होना पड़ता है। उनके रवैये से हमारा सकल नामांकन अनुपात कम हो जाता है. इस रवैये को तत्काल सुधारना होगा।

दरअसल, शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी विवि शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के वेतन सत्यापन के लिए ''एंड ऑफ एंड सॉल्यूशन सॉफ्टवेयर'' आधारित पोर्टल के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। जहां उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय सेवा आयोग से एक साल में 4600 असिस्टेंट प्रोफेसरों का चयन करने के लिए कहा गया है। 

इस दौरान शिक्षा मंत्री ने इस बात की घोषणा की है कि सभी राज्य के सरकारी कॉलेजों में प्राचार्यों का कार्यकाल अब कम-से-कम पांच साल का होगा। इनका कार्यकाल पांच साल के लिए बढ़ाया जा सकता है यानी अधिकतम 10 साल तक अपने पद पर रह पायेंगे। इनकी नियुक्ति विश्वविद्यालय सेवा आयोग से करायी जायेगी।

BSSC से होगी तृतीय श्रेणी के कर्मियों की नियुक्ति

विवि में तृतीय श्रेणी के पदों पर नियुक्ति की जिम्मेदारी राज्य कर्मचारी चयन आयोग को दिये जाने का फैसला लिया गया है. विवि कर्मियों को वेतन पोर्टल से जारी किया जायेगा। 

इससे पहले शिक्षा विभाग के सचिव असंगबा चुबा आओ ने पे सत्यापन पोर्टल के बारे में बताया कि विवि के कर्मचारी और शिक्षकों को खुद लॉग इन कर अपना वेतन भरना है. कॉलेज, विश्वविद्यालय से होते हुए वेतन कोषांग तक की मंजूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी. दावा-आपत्ति भी ऑनलाइन होगी. कर्मचारी को पे स्लिम इमेल से मिलेगी।

ब्लॉक स्तर पर भी खोले जाएंगे कॉलेज

अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने बताया कि बिहार के उच्च शिक्षण संस्थाओं का जीइआर 14.5% से बढ़ कर 20% हो गया है. कॉलेजों और विवि में औसत नामांकन 17 लाख थे, जो अब बढ़ कर 23 लाख हो गये हैं. ब्लॉक स्तर पर कॉलेज खोलने का निर्णय भी लिया गया है.


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