ग्राउंड रिपोर्ट : 6 महीने पहले केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने पातेपुर में किया था ऑक्सीजन प्लांट का शिलान्यास, हालत देख रह जाएंगे दंग, पढ़िये पूरी रिपोर्ट

ग्राउंड रिपोर्ट : 6 महीने पहले केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने पातेपुर में किया था ऑक्सीजन प्लांट का शिलान्यास, हालत देख रह जाएंगे दंग, पढ़िये पूरी रिपोर्ट

वैशाली. जिले में केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने जिस ऑक्सीजन प्लांट का शिलान्यास 6 महीने पहले कर दिया था. उस ऑक्सीजन प्लांट की हालात देख आप हैरान रह जाएंगे. हैरान रह जाएंगे नेताओं की बेशर्मी और झूठे वेदो को देखकर. हालात ये है कि महामारी और ऑक्सीजन की मारामारी के दौर में जिस ऑक्सीजन प्लांट को 15 दिनों में शुरू किये जाने के एलान के साथ मंत्री जी ने शिलान्यास किया था, वंहा प्लांट के नाम पर महज एक गोदाम नजर आ रहा है. ऑक्सीजन प्लांट वाली जगह ना तो मशीन लग पाई न ही प्लांट को एक अदद बिजली का कनेक्शन मिल पाया. कहने की जरुरत नहीं की कोरोना के फिर से बढ़ते मामलो से अगर हालात बिगड़े तो ऑक्सीजन प्लांट के नाम पर ये मजाक कितना भारी पड़ेगा.

यह मामला पातेपुर का है. यह केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय का क्षेत्र है. कोरोना की दूसरी लहर और महामारी के दौर में मंत्री जी ने इलाके में ऑक्सीजन प्लांट लगवाने का एलान किया था. बुरी हालात को देख 07 मई 2021 को केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने अपने सांसदी वाले फंड से एक कड़ोर की लागत से बनने वाले प्लांट के लिए वैशाली DM को अनुशंसा पत्र भेजा था. आनन फानन वाले अंदाज में भूमिपूजन और शिलान्यास कार्यक्रम हुआ (15 मई ) और दावा किया गया की अगले 15 दिनों में प्लांट बन कर तैयार हो जाएगा. दावा ये भी किया गया था कि ऑक्सीजन प्लांट लगने से इलाके के आस पास के जिलों को भी ऑक्सीजन सिलेंडर की सप्लाई की जायेगी. उस वक्त मंत्री जी के ऑक्सीजन प्लांट के निर्माण और शिलान्यास के बड़े बड़े पोस्टर खुद मंत्री जी के ट्विटर अकाउंट के साथ BJP के ऑफिसियल ट्विटर हेंडलपर टाँगे गए थे. महामारी के दौर में प्लांट को शुरू करवाने की अपनी कोशिशों को दिखलाने के लिए मंत्री जी ने कई मौको पर प्लांट के निरिक्षण का फोटो डाला था.

लेकिन 6 महीने से ज्यादा गुजर जाने के बाद करोड़ों की लागत वाई इस प्लांट की सूरत और हालात आपको हैरान कर देगी. पातेपुर बहुआरा स्वास्थ केंद्र के बड़े से ग्राउंड के एक हिस्से में ऑक्सीजन प्लांट के लिए एक बड़ा सा कंस्ट्रक्शन खड़ा किया गया था. मजबूत दीवारों और रंगबिरगी छत के निचे कड़ोरो के ऑक्सीजन प्लांट को लगाया जाना था. प्लांट की मशीनरी के साथ ऑक्सीजन सिलेंडरों की रिफिनंग का पूरा सिस्टम लगाया जाना था.

लेकिन इस प्लांट के हालात फटा पोस्टर निकला ( हीरो ) ..जीरो वाला दिखा. मंत्री जी द्वारा शिलान्यास के बंद पड़े इस प्लांट पर पहुँचने पर पता चला कि प्लांट के नाम पर महज दो कमरे बने. कमरों के साथ एक शौचालय बना, लेकिन प्लांट के नाम कोई मशीनरी कभी लगा ही नहीं. कमरों में बिजली के तार तो डले, लेकिन बिजली का कनेक्शन नहीं हो पाया. पता चला की मंत्रीजी अपने बड़े से मंत्रालय के बड़े बड़े कामो में इस कदर व्यस्त हो गए कि प्लांट को तालाजड़े महीनों गुजर गया, लेकिन मंत्री जी को इस ऑक्सीजन प्लांट की सुध लेने की फुर्सत नहीं मिल पायी. नतीजा इस प्लांट पर ताला जड़ा है और चाभी स्थानीय मुखिया के घर टंगा है.

वहीं स्थानीय राजीव कु रंजन से पूछा गया तो उन्होंने कहा प्लांट के नाम पर यंहा कुछ नहीं हुआ है. प्लांट होता तो यंहा गोबर नहीं होता. मशीन में क्या क्या लगा ? कोई मशीन नहीं लगा है. कुछ नहीं... खाली हॉल है.... ये सब दिन बंद ही रहता है. 8 महीने पहले हुआ था.. नित्यानंद राय ने उद्घाटन किये थे...कोई आता जाता है क्या ? कोई आता जाता नहीं है. इसका चाभी मुखिया जी के पास रहता है... 

ऑक्सीजन प्लांट की इस कहानी पर यकीं कर पाना मुश्किल हो रहा था, सो हमने खुद तस्दीक करने की ठानी. मुखिया की तलाश पूरी होने के बाद बंद प्लांट की चाभी भी हाथ लगी. बड़ी आरजू मिन्नत के बाद मुखिया जी प्लांट दिखाने को तैयार हुए और बंद प्लांट का दरवाजा खुला, लेकिन प्लांट के दरवाजे के खुलने के बाद करोड़ों के प्लांट को देखने का सपना टूटता नजर आया क्योंकि प्लांट के नाम पर कमरे में सन्नाटा पसरा था. जिस प्लांट को शुरू करने के बड़े बड़े दावे के साथ मंत्री जी खुद को हीरो साबित करते दिख रहे थे. पोस्टर हटा तो मंत्री जी जीरो नजर आये.

लापरवाही और हैरान करने वाले मसले पर मंत्री जी के खासमखास और भाजपा विधायक अवधेश सिंह से हमने सवाल किया तो जबाब ज्यादा हैरान करने वाला मिला. मंत्री जी के बेहद नजदीकी और प्लांट के शिलान्यास से लेकर मंत्री जी के साथ लगातार रहने वाले BJP MLA अवधेश सिंह ने कहा कि इस कंपनी को मशीनरी लगाना था. उसने देखा दे दिया. शिलान्यास वाली जगह पर मशीन लगाने के लिए स्किम को बदल दिया गया है, लेकिन स्किम बदलने के चक्कर में मंत्री जी की सांसदी वाले फंड में क्लियरेंस का पेंच फंस गया है. सो अगले दो महीने तक प्लंट शुरू होने की कोई उम्मीद भी नहीं है.

अवधेश सिंह ने कहा

पातेपुर में ऑक्सीजन का कोई प्लांट जो लगना था उसकी स्वीकृति मिली थी, लेकिन जिस कंपनी को काम दिया गया था. उसने कम प्रेशर का कम्प्रेशन लगाने की बात कही की. भाई हम यही लगाएंगे. उस स्किम को चेंज किया गया है. पुनः लिखा कर गया है, लेकिन इस बिच जो सांसद मद या विधायक मद की राशि होती है, उससे ऑक्सीजन प्लांट बाकी के दिनों में नहीं लगना होता है. प्रक्रिया चल रही है. लगता है जनवरी में स्वीकृति मिलेग , उसके बाद ही उसका काम शुरू होगा.

हाजीपुर से विकाश महापात्रा की रिपोर्ट

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