RJD विधायक गुलाब यादव पर कमीशन मांगने का लगा था सनसनीखेज आरोप, शुरू हुई थी निगरानी जांच, इस बार भी टिकट देकर होगा सम्मान?

RJD विधायक गुलाब यादव पर कमीशन मांगने का लगा था सनसनीखेज आरोप, शुरू हुई थी निगरानी जांच, इस बार भी टिकट देकर होगा सम्मान?

PATNA: बिहार में विधान सभा चुनाव का बिगूल बज गया है। चुनाव की तारीख के ऐलान के बाद संभावित उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतर गए हैं। महागठबंधन में तेजस्वी यादव चेहरा हैं,हालांकि उनके चेहरे पर अब तक सहयोगी दलों की स्वीकार्यता नहीं बनी है। तेजस्वी यादव की पार्टी राजद को 2015 के विधान सभा चुनाव में 80 विधायक जीते. लेकिन 2019 का लोकसभा चुनाव याद करिए जब 2015 में जीते विधायक अपने क्षेत्र में ऐसे पिटे कि मैदान में उतरने से पहले याद कर हीं कांप जा रहे। बात राजद के एक विधायक गुलाब यादव की। राजद विधायक के खिलाफ कई गंभीर आरोल लगे। विधायक गुलाब यादव पर ठेकेदार से कमीशन मांगने के गंभीर आरोप लगे।शिकायत के बाद निगरानी विभाग इस मामले की जांच कर रही है.

जानिए पूरा मामला


मामला एक साल पहले का है।राजद के झंझारपुर से विधायक गुलाब यादव के खिलाफ निगरानी विभाग की जांच शुरू हुई। राज्य लोकायुक्त ने विधायक के खिलाफ निगरानी जांच के आदेश दिए थे। विधायक पर आरोप है कि उन्होंने ग्रामीण सड़क निर्माण के टेंडर को मैनेज करने के लिए मधुबन की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी से कमीशन की मांग की ।इस मामले की जांच निगरानी ब्यूरो केASP स्तर के अधिकारी रहे हैं। लोकायुक्त ने दिसंबर 2019 के प्रथम सप्ताह में निगरानी ब्यूरो से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी. निगरानी ब्यूरो ने इस संबंध में  विधायक गुलाब यादव से लंबी पूछताछ की थी। बिंदेश्वर यादव कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक  रोहित कुमार यादव ने लोकायुक्त से शिकायत की थी। जानकारी के अनुसार मधुबन में ग्रामीण सड़क निर्माण के लिए वर्ष 2017 में टेंडर निकला था ।रोहित ने विधायक पर आरोप लगाया था कि उन्होंने के लिए 3.5 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी।  झंझारपुर विधायक गुलाब यादव जबरन कमीशन मांग रहे थे ।इसकी रिकार्डिंग भी रोहित ने कर ली थी। हालांकि तब विधायक गुलाब यादव ने कहा था कि वे जनप्रतिनिधि हैं और उनके पास कई लोगों के फोन आते हैं। निगरानी टीम ने विधायक से जानना चाहा था कि वॉइस रिकॉर्डिंग में उनकी आवाज है या नहीं ।इस पर विधायक ने कोई जवाब नहीं दिया था ।

2015 के चुनाव में 834 मतों से जीते थे गुलाब यादव

मधुबनी के झंझारपुर विस सीट की।इस सीट पर 2015 में लालू प्रसाद के खास गुलाब यादव बहुत ही कम मार्जिन से चुनाव जीत गये।गुलाब यादव ने बीजेपी के कद्दावर नेता पूर्व मंत्री नीतीश मिश्रा को 834 मतों से परास्त किया था।गुलाब यादव को 64320 और नीतीश मिश्रा को 63486 मत आये थे।हालांकि तब महागठबंधन में नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू भी साथ थी।

2019 लोस चुनाव में अपने क्षेत्र में ही 60 हजार वोट से हुई थी करारी हार


अब जरा 2019 लोकसभा चुनाव को याद करिये। 2019 के लोकसभा चुनाव में जहां झंझारपुर सीट से जेडीयू उम्मीदवार की जीत हुई वहीं राजद कैंडिडेट गुलाब यादव जो झंझारपुर विधान सभा क्षे्त्र के पार्टी के विधायक थे उनकी करारी हार हुई थी। राजद कैंडिडेट तो अपने क्षेत्र झंझारपुर में ही जबरदस्त रुप से पिटे थे। गुलाब यादव को अपने क्षेत्र में ही 60,906 हजार मतों से हार हुई थी। इसके अलावे बाबूबरही विस से गुलाब यादव 61199 वोट से हारे थे।इतना ही नहीं वे झंझारपुर लोकसभा की सभी 6 सीटों पर जबरदस्त रूप से पिटे थे। हार मिलने के बाद कुछ दिन तो आउट रहे।इस दौरान उन पर कई तरह के आरोप भी लगे।अब एक बार फिर से वे चुनावी तैयारी कर रहे हैं।

क्या ऐसे पिटे विधायक से तेजस्वी यादव की नैया लगेगी पार? 

अब बड़ा सवाल यही खड़ा हो रहा है कि क्या ऐसे पिटे विधायक 2020 के महासमर को जीतने में कामयाब होंगे? 2019 के लोस चुनाव में जो उम्मीदवार अपने विधान सभा क्षेत्र में 60 हजार से अधिक मतों से हारा हो क्या वह तेजस्वी यादव की नैया पार लगाने में कामयाब होगा ? हालांकि गुलाब यादव अपने आप को लालू यादव का करीबी बता अपना टिकट तो पक्का बता ही रहे हैं वहीं दूसरे के टिकट के लिए भी जर्बदस्त पैरवी कर रहे। 

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