हाजीपुर के प्रमोद ने पैरालंपिक गेम्स में एक पदक किया पक्का, बैडमिंटन के फाइनल में बनाई जगह, 36 मिनट में जापानी खिलाड़ी को दी शिकस्त

हाजीपुर के प्रमोद ने पैरालंपिक गेम्स में एक पदक किया पक्का, बैडमिंटन के फाइनल में बनाई जगह, 36 मिनट में जापानी खिलाड़ी को दी शिकस्त

PATNA : टोक्यों में चल रहे पैरालंपिक गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। इस कड़ी में अब तक रिकार्ड 13 पदक पर जीतने के बाद आज फिर से तीन पदक के जीतने की संभावना बढ़ गई है। इनमें बैडमिंटन में एक पदक पक्का हो चुका है। बिहार के हाजीपुर के रहनेवाले प्रमोद भगत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पैरालंपिक गेम्स के बैडमिंटन में अपनी जगह पक्की कर ली है। 

शनिवार को खेले गए सेमीफाइनल में प्रमोद ने अपने शानदार प्रदर्शन का सिलसिला जारी रखा और जापान की डाईसुकी फुजीहारा को सिर्फ 36 मिनट में सीधे सेटों में 21-11, 21-16 से हराकर फाइनल में गोल्ड की तरफ अपना कदम बढ़ा दिया। बता दें कि प्रमोद बिहार के हाजीपुर के रहने वाले हैं, लेकिन बचपन में पैर में पोलियो मारने के कारण उसकी बहन बेहतर इलाज के लिए ओडिसा लेकर चली गई थी। जहां उन्होंने अपंगता को पीछे छोड़ते हुए बैडमिंटन खेलना शुरू किया। शानदार प्रदर्शन की बदौलत उन्होंने पैरालंपिक में बैडमिंटन में अपनी टिकट पक्की की।

बिहार से गए दो खिलाड़ी, दोनों ने पदक किया पक्का

पैरालंपिक गेम्स में बिहार से दो खिलाड़ी टोक्यो गये थे। इन दोनों खिलाड़ियों ने भारत के लिए एक पदक पक्का कर दिया है। इससे पहले मुजफ्फरपुर के शरद कुमार ने हाईजंप में कांस्य पदक जीतने में कामयाबी हासिल की थी। मुजफ्फरपुर के शरद कुमार ने टोक्यो में चल रहे पैरालंपिक (Tokyo Paralympic) में ऊंची कूद की 63 स्पर्धा में शरद ने 1.83 मीटर की छलांग लगाई. मुजफ्फरपुर के मोतीपुर निवासी सुरेंद्र कुमार के पुत्र शरद कुमार ने यह उपलब्धि हासिल कर पूरे बिहार को गौरवान्वित किया था. साल 2018 में एशियन पैरालंपिक (Asian Paralympics) में 1.9 मीटर हाई जंप करके शरद ने गोल्ड मेडल जीता था....


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