राज्य में बंद हो गए आधे ईंट-भट्ठे, सरकार ने नई तकनीक अपनाने का 31 अगस्त तक का दिया था समय

राज्य में बंद हो गए आधे ईंट-भट्ठे, सरकार ने नई तकनीक अपनाने का 31 अगस्त तक का दिया था समय

PATNA : पूरे राज्य में आधे ईंट-भट्ठे 1 सितंबर से बंद हो गये। सरकार द्वारा दिए गए 31 अगस्त के समय सीमा के अंदर इन ईंट-भट्ठों ने नई तकनीक (जिग-जैग) को नहीं अपनाया था। जिसके बाद प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने कार्रावाई करते हुए इन्हें बंद कर दिया। 

बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार घोष ने बताया कि राज्य में पुरानी परंपरागत तकनीक से 6 हजार ईंट-भट्ठे का संचालन किया जा रहा था। इन ईंट-भट्टे के मालिकों को कई बार परंपरागत तकनीक के बदले नई जिग-जैग तकनीक अपनाने को कहा गया था। 

कई बार सलाह दिए जाने के बाद भी इनके द्वारा कोई कदम नहीं उठाए जाने के बाद इन्हें 31 अगस्त तक हर हाल में नई तकनीक को अपनाने का अल्टीमेटम दिया गया था। उन्होंने बताया कि 31 अगस्त को समय सीमा खत्म होने के बाद भी 6 हजार में महज 3 हजार ईंट-भट्ठे वालों ने ही नई तकनीक को अपनाया। जिसके बाद कार्रवाई करते हुए तीन हजार ईंट-भट्ठों को रविवार 1 सितंबर से बंद कर दिया गया है। 

उन्होंने बताया कि पटना जिले में 75 प्रतिशत ईंट-भट्ठे ने नई तकनीक को अपना लिया है। घोष ने बताया कि पटना जिले में कुल 150 ईंट-भट्ठे है जिनमें 100 ने पुरानी परंपरागत तकनीक की जगह नई जिग-जैग तकनीक में अपने भट्ठे को तब्दील कर दिया है। 

घोष ने कहा कि पटना जिले के अधिकांश ईंट-भट्ठे गंगा किनारे है। पुरानी तकनीक से पर्यावरण के साथ-साथ गंगा का पानी भी दुषित हो रहा था। नये तकनीक से गंगा के वातावरण पर पड़ रहे दुष्प्रभाव में कमी आएगी। 


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