हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में फैसला,पश्चिम बंगाल में चुनाव लड़ेगी पार्टी

हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में फैसला,पश्चिम बंगाल में चुनाव लड़ेगी पार्टी

 PATNA : बिहार विधानसभा चुनाव के बाद हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (से०) की ओर से अपने संगठन के मज़बूती को लेकर आज पूर्व मुख्यमंत्री हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी के पटना आवास पर राष्ट्रीय परिषद की बैठक संपन्न हुई. प्रदेश अध्यक्ष बीएल बैश्यन्त्री ने जीत पर बधाई देते हुए अपने सभी कार्यकर्ताओं का स्वागत किया. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ दानिश रिजवान और प्रदेश प्रवक्ता अमरेन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय परिषद की बैठक संपन्न हुई. जिसका मंच संचालन पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव बिहार सरकार के मंत्री डॉक्टर संतोष कुमार सुमन ने की. बैठक को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव डॉ संतोष कुमार सुमन ने कहा की हमारी पार्टी को मजबूती देने में पार्टी के 11 कार्यकर्ताओं का बहुत बड़ा योगदान है. हम अपने सभी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार प्रकट करते हैं. जिनकी मेहनत के बदौलत बिहारी ही नहीं पूरे देश में हमारी पार्टी की पहचान बढ़ी है.   डॉ संतोष मांझी ने कहा कि हमारी पार्टी का मुख्य उद्देश्य गरीबों का विकास है. हमारी पार्टी के कार्यकर्ता गरीबों तक जाएं. उनकी समस्याओं को समझें और उसके निदान के लिए काम करें. अगर हम यह करने में सफल हो गए तो सबसे ज्यादा आबादी गरीबों की है. जिस दिन गरीबों का आशीर्वाद हमें और हमारे पार्टी को मिला तो आप समझ सकते हैं कि उसके बाद हमें किसी के पास कुछ मांगने की आवश्यकता नहीं होगी. हम सिर्फ गरीबों के विकास के लिए काम करेंगे और गरीबी हटाओ हमारा मुद्दा होगा. हमें गरीबों पर ही ध्यान देने की आवश्यकता है. हमें जिस दिन उन गरीबों का आशीर्वाद प्राप्त हो इस पर काम करने की जरूरत है. उसके साथ ही उन्होंने घोषणा किया कि आने वाले समय में पार्टी पश्चिम बंगाल का चुनाव लड़ेगी. जिसके लिए कार्यकर्ताओं को एकजुट रहना ज़रूरी है. हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि आज हमारी पार्टी मजबूत स्थिति में है. इसके लिए हमारे कार्यकर्ता का अथक मेहनत और परिश्रम है. जिनके बदौलत आज हमारे दल के चार विधायक एक विधान पार्षद हैं और आगे इनकी संख्या बढ़ेगी. इसकी सफलता के लिए मैं अपने कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देता हूं. 


बैठक को संबोधित करते हुए मांझी ने कहा की पार्टी चलाना आसान नहीं है.  कुछ लोग समझते थे. लेकिन  आप जैसे मेहनती कार्यकर्ताओं के बल पर पार्टी चली और आगे भी चलती रहेगी. राजनीतिक दिशा बदली है. काम की गुणवत्ता और सिद्धांत पर कोई नहीं जा रहा जाति और कोई समीकरण पर काम हो रहा है और जो अच्छे कार्यकर्ता हैं हार जाते हैं. जाति और धर्म के आधार पर योग्य उम्मीदवार हार जाते हैं और दूसरे जीत जाते हैं यह विडंबना है. आजादी के 74 वर्ष बाद भी चुनावी वादों का क्या हर्ष होता है. यह किसी से छिपा हुआ नहीं है. अगर ध्यान नहीं दिया गया तो गरीबों के विकास में वादों की बात बनने में शायद 74 साल और लगे. जब तक 80 या 90% विकसित होंगे तब संभव है. मांझी ने कहा कि इसका कारण है जहां जाति, धर्म और पैसा के आधार पर चुनाव जीते जाते हैं. वहां गरीबों का भला कैसे हो सकता है. हम कह सकते हैं कि हम कोरोना के संक्रमण काल में हैं. मांझी ने कहा की हम चुनाव जीते और हारे हमारे उम्मीदवार हारे यह सोचने की बात है. पैसा की कमी, जाति और धर्म के आधार क्या कारण हो सकता है. मांझी ने कहा कि जब दुनिया में बात आई की दुनिया के मजदूर एक हो तो हमारी पार्टी ने नारा दिया कि बिहार और देश के गरीब एक हो. जिस दिन गरीब एक हो गए. उस दिन से गरीबों के घर में खुशहाली ही खुशहाली होगी. मांझी ने कहा मैं जाति और धर्म पर विश्वास नहीं करता. मेरे लिए हर जाति और धर्म के गरीब मेरे लिए परिवार हैं और मैं अपने उन गरीब परिवारों की सेवा करना चाहता हूं. निश्चित तौर पर हमारी पार्टी गरीबों के हित के लिए ही काम करेगी. इसके लिए हमें जो भी निर्णय लेना होगा हम समय पर लेते रहेंगे. मांझी ने कहा कि हमारी पार्टी की ओर से यह विश्वास दिलाना चाहता हूं की किसी भी गरीब के साथ कोई अन्याय ना हो इसका हमारी पार्टी पूरा ख्याल रखेगी. मांझी ने कहा कि हम कुछ दिन और मुख्यमंत्री होते तो बेरोजगार जिन्हें नौकरी का मौका नहीं मिला. ठेकेदारी में आरक्षण 75 लाख तक निश्चित देते. लेकिन अफसोस कि सरकार ने 25 से 50 लाख किया. अभी भी संचिका में ही है यदि 75 लाख आरक्षण दिया जाता तो युवा युक्तियां अपने परिवार के लिए ठेकेदारी के माध्यम से काम करते. मांझी ने कहा बेरोजगार बेटा बेटी के लिए हम काम करेंगे और आपको भी काम करना होगा. सड़क पर भी उतरना पड़े तो उतरेंगे. मांझी ने कहा हम बेरोजगारों को 5 हजार बेरोजगारी भत्ता, किसानों को 5 एकड़ जमीन, मुफ्त बिजली गरीबों को 5 डिसमिल घर बनाने के लिए जमीन और एक एकड़ जमीन खेती के लिए जमीन देने का मेरा लक्ष्य था. मांझी ने कहा शेड्यूल कास्ट के लिए जो भी कल्याणकारी कार्य होंगे उनके हितों की रक्षा के लिए हर विषय बिंदु पर सरकार के समक्ष हम बातों को रखेंगे. अंत में मांझी ने कहा कि संगठन की मजबूती पर ध्यान देना होगा. गया जिला का संगठन मजबूत है. उसी तरह सभी जिला में कार्यकर्ताओं को काम करना होगा. चेहरा दिखाने से नहीं काम होगा बेहतर काम करना होगा. पार्टी की पूंजी हमारे कार्यकर्ता हैं और हम अपने सभी कार्यकर्ताओं के कार्यों को जानते हैं और समझते हैं और उनके सम्मान में सरकार में भी उनकी योगदान के लिए हम काम करेंगे. जिससे कि उनके मान और सम्मान बढ़ाने का काम करेंगे. 

राष्ट्रीय परिषद की बैठक को पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव बिहार सरकार के मंत्री डॉ0 संतोष कुमार सुमन, राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ दानिश रिजवान, पूर्व मंत्री डॉ अनिल कुमार ( टेकारी विधानसभा विधायक), ज्योति देवी (बाराचट्टी विधानसभा विधायक), प्रफुल्ल मांझी (सिकंदरा   विधानसभा विधायक) इंजीनियर देवेंद्र मांझी मखदुमपुर प्रत्याशी, गया जिला अध्यक्ष टूटू खान सहित प्रदेश एवं प्रकोष्ठ के अध्यक्ष आदि हम पार्टी के नेताओं ने संबोधित किया. बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामेश्वर यादव, वीरेंद्र सिंह, राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ दानिश रिजवान, राजेश पांडे, रंजीत चंद्रवंशी, प्रफुल्ल मांझी, नितेश दांगी, विजय यादव, साधना देवी, गीता पासवान, पूनम पासवान, नंदलाल मांझी मौजूद थे. 

पटना से कुमार गौतम की रिपोर्ट 

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