क्या जातिगत जनगणना के मुद्दे को दबाने के लिए उठाया गया विशेष राज्य का मुद्दा, पूर्व में भी हुआ है ऐसा

क्या जातिगत जनगणना के मुद्दे को दबाने के लिए उठाया गया विशेष राज्य का मुद्दा, पूर्व में भी हुआ है ऐसा

PATNA : बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग का मुद्दा एक बार फिर से सामने आ गया है। हालांकि इस बार जदयू ने विशेष राज्य के दर्जे की मांग करने की जगह इस मुद्दे को हमेशा के लिए खत्म करने की घोषणा कर दी है। वहीं दूसरी तरफ राजद और हम ने साफ कर दिया है कि वह विशेष राज्य की मांग को लेकर अपनी लड़ाई जारी रखेगी। 

इन सबके बीच अब विशेष राज्य के मुद्दे को फिर से उठाने की टाइमिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे वक्त में जब बिहार में जातिगत जनगणना को लेकर बिहार के तमाम राजनीतिक दल एकजुट हो रहे हैं, वहीं ऐसे समय में एकाएक विशेष राज्य के मुद्दे ने जातिगत जनगणना की मांग को गौण कर दिया है और यह मामला फिलहाल कुछ समय के लिए दब गया है।

पहले भी हुआ था ऐसा

जातिगत जनगणना पर इससे पहले भी जब बिहार में राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश की गई तो उस समय मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए नीतीश कुमार को पीएम मैटेरियल बताने के मुद्दे को सामने रख दिया गया था। जिसमें तमाम राजनीतिक दल जातिगत जनगणना की बात को भूलकर नीतीश कुमार के कार्य को लेकर अपनी बयानबाजी में व्यस्त हो गए थे। अब एक बार फिर से वही स्थिति उत्पन्न कर दी गई है। ताकि राजनेताओं का ध्यान दूसरे मुद्दे की तरफ केंद्रित किया जा सके।

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