परिवहन विभाग के दामन पर दाग ही दाग! बालू खनन-धनकुबेर अफसर,घपले-घोटाले और चहेतों पर कृपा बरसाने को लेकर भारी बदनामी

परिवहन विभाग के दामन पर दाग ही दाग! बालू खनन-धनकुबेर अफसर,घपले-घोटाले और चहेतों पर कृपा बरसाने को लेकर भारी बदनामी

PATNA: बिहार में बालू खनन में सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत की पोल पूरी तरह से खुल चुकी है. सरकार के आदेश पर अब तक 41 अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है।आर्थिक अपराध इकाई अब उनकी संपत्ति की जांच करेगी। बालू के अवैध खनन और परिवहन में इस तरह की कार्रवाई पहली बार हुई है. बालू के अवैध कारोबार में तीन विभाग के अधिकारी खूब मलाई खाते रहे. पुलिस,खनन और परिवहन विभाग के अधिकारी इस धंधे में खुल्लम-खुल्ला संलिप्त रहे. हाल के दिनों में अवैध धंधा,घपले-घोटाले में पुलिस के बाद परिवहन विभाग की भारी बदनामी हुई है। चाहे भ्रष्टाचार का मामला हो या फिर ट्रांसफर-पोस्टिंग में चहेतों पर मेहरबानी या फिर बालू खनन में अधिकारियों की संलिप्तता की। गंभीर आरोपों में चहेतों को बचाने और आनन-फानन में दूसरे जगह पोस्टिंग पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. चहेतों पर कृपा बरसाने में भी परिवहन विभाग की भारी बदनामी हुई।  

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परिवहन विभाग के दामन पर दाग ही दाग

परिवहन विभाग के अफसरों के ऊपर भ्रष्टाचार का कोई पहला मामला सामने नहीं आया है। बल्कि अब तक कई ऐसे मामलों का खुलासा हो चुका है। खुलासे के बाद विभाग के स्तर से लीपापोती की भी कोशिश हुई। आज भी परिवहन विभाग के कई अधिकारियों के खिलाफ निगरानी और आर्थिक अपराध इकाई की जांच जारी है। पटना डीटीओ में पिछले साल हुए करोड़ों के घोटाले की बात लोग अभी भूले भी नहीं है। एक साल बाद भी इतनी बड़ी गड़बड़ी में अदना सा लिपिक को सस्पेंड कर खानापूर्ति की गई है। हाल ही में परिवहन विभाग का एक डीटीओ धनकुबेर निकला। मुजफ्फरपुर के तत्कालीन डीटीओ रजनीश लाल के घर से 51 लाख रू नकद बरामद किया गया है। इसके अलावे पटना के पूर्व एमवीआई अमिताभ के खिलाफ भी आर्थिक अपराध इकाई ने छापेमारी की थी। छापेमारी में एमवीआई अमिताभ की कई संपत्ति का पता चला था। अब भी आर्थिक अपराध इकाई जांच कर रही है । इस आरोप में आरोपी एमवीआई पिछले चार सालों से सस्पेंड है। इसके अलावे कई अन्य एमवीआई पर भी केस दर्ज है। 

पटना डीटीओ में करोड़ों के घोटाले,अदना सा लिपिक को किया सस्पेंड

पटना के डीटीओ ने पत्रांक-3318 से 17 सितंबर 2020 को करोड़ों के घोटाले से पर्दा उठाया था ।पटना के तत्कालीन डीटीओ-कर्मी की मिलीभगत से वाहन BS-4 वाहन का बिना सरकारी राजस्व के ही निबंधन और चोरी की गाड़ी का भी निबंधन किया गया था. इस कारनामें से सरकार को पचास करोड़ से अधिक के राजस्व की क्षति हुई थी। इसके साथ ही पटना के तत्कालीन डीटीओ अजय कुमार ठाकुर और कर्मी अमित कुमार गौतम पर आरोप लगे थे। डीटीओ ने 17 सितंबर 2020 को  अपनी रिपोर्ट परिवहन कमिश्नर को भेज दिया था,जिसमें पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारी और कर्मी पर कार्रवाई करने का आग्रह किया गया था। डीटीओ के घोटाले वाले पत्र के बाद परिवहन कमिश्नर ने जांच के लिए कमेटी बनाई थी। मार्च 2021 में लिपिक अमित कुमार गौतम को सस्पेंड किया गया। उसके बाद अब तक बड़ी मछली पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। 

चहेतों पर कृपा बरसाने में भी हुई भारी बदनामी

इसके अलावे 30 जून को परिवहन विभाग द्वारा किये गये स्थानांतरण में चहेतों पर कृपा बरसाने का भी खुलासा हुआ था। विभाग के आदेश में साफ-साफ दिखा था कि एक खास एमवीआई के लिए नियमों को तार-तार किया गया। वैसे परिवहन विभाग ने जिस एमवीआई पर कृपा बरसाई वो बालू के अवैध खनन में लिप्त पाये गये। मजबूरन परिवहन विभाग को उस पर कार्रवाई का आदेश जारी करना पड़ा।  




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