बिहार के गया में भयानक लापरवाही, अंतिम संस्कार के लिए चिता पर शव रख दिया, तब कोरोना का सैंपल लेने पहुंचे स्वास्थ्य कर्मचारी

बिहार के गया में भयानक लापरवाही, अंतिम संस्कार के लिए चिता पर शव रख दिया, तब कोरोना का सैंपल लेने पहुंचे स्वास्थ्य कर्मचारी

GAYA: बिहार में शनिवार तक काेराना का एक भी केस सामने नहीं आया था, लेकिन रविवार काे अचानक जनता कर्फ्यू के बीच एक मरीज की माैत की खबर आई. बिहार में अबतक दो मरीज में काेराना की पुष्टि हुई है. इस बीमारी के फैलाव काे देखते हुए राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में तत्काल प्रभाव से 31 मार्च तक लॉकडाउन कर दिया है। वहीं, गया में एक संदिग्ध की मौत के बाद जब उसका अंतिम संस्कार किया जा रहा था, तब डॉक्टर उसका सैंपल लेने पहुंचे. डॉक्टरों ने चिता पर रखे शव से सैंपल लिया. इस बारे में सिविल सर्जन डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि मृतक जिन-जिन लोगों के संपर्क में आया था, उन्हें क्वारैंटाइन किया जा रहा है.

कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में कोहराम मचा रखा है. बिहार में भी हालात अच्छे नहीं हैं ऐसे में सीएम नीतीश ने लॉक डाउन को लेकर अपने अधिकारियों को निर्देश दे दिया है. आपको बता दें कि बिहार में लॉक डाउन का आज पहला दिन है. ऐसे में लॉक डाउन का मजाक बनता देख सीएम नीतीश ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मीटिंग की है और कहा है कि आज रात 9 बजे के बाद से पूरी सख्ती के साथ लॉक डाउन को लागू करवाने में जुट जाइए. 

आपको बता दें कि लॉक डाउन को मजाक बनता देख पीएम मोदी भी काफी नाराज दिखे थे और उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि लॉकडाउन को अभी भी कई लोग गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. कृपया करके अपने आप को बचाएं, अपने परिवार को बचाएं, निर्देशों का गंभीरता से पालन करें. राज्य सरकारों से मेरा अनुरोध है कि वो नियमों और कानूनों का पालन करवाएं. 

जिस संदिग्ध की कोरोना से मौत, उसके परिजनाें को ही जबरन सौंप दिया शव

मुंगेर के एक 38 साल के युवक को एम्स में 20 मार्च को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था. जिसकी 21 मार्च की सुबह 9:28 में मौत हो गई कोराेना की रिपोर्ट रविवार को आई. एम्स के निदेशक डॉ. पीके सिंह ने इसकी पुष्टि की.


Find Us on Facebook

Trending News