स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का नेता प्रतिपक्ष पर बड़ा हमला, कहा-तेजस्वी के आर्थिक न्याय का मतलब 28 साल में 52 संपत्ति

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का नेता प्रतिपक्ष पर बड़ा हमला, कहा-तेजस्वी के आर्थिक न्याय का मतलब 28 साल में 52 संपत्ति

Patna :  स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने नेता प्रतिपक्ष पर बड़ा हमला बोला है। मंगल पांडेय ने कहा है कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव उस आर्थिक न्याय की बात करते हैं, जिसमें 28 साल में 52 संपत्ति अर्जित की गई हो। इनके पिताजी ने कैसा आर्थिक न्याय किया, यह जनता जानती है। इनकी पार्टी के राज में कैसे सरकारी धन की लूट होती थी, यह किसी से छिपा नहीं है। इनकी सरकार के आर्थिक न्याय का मतलब था चारा घोटाला, अलकतरा घोटाला, वर्दी घोटाला एवं सरकारी खजाने की लूट। 

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि इनके आर्थिक न्याय का मतलब है बिहार के गरीब लोगों का पैसा लूट कर खुद और अपने परिवार को सुदृढ़ करना, लेकिन जनता अब उस आर्थिक न्याय के झांसे में फंसने वाली नहीं है। जनता देख रही है कि कैसे एनडीए के शासन काल में प्रति व्यक्ति औसत आय 45 हजार हो गया और जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) दर दहाई अंक में 11 प्रतिशत तक पहुंच गया।

मंगल पांडेय ने कहा कि 15 वर्षों के एनडीए शासन काल में राज्य का चहुमुखी विकास हुआ। गांवों में बिजली और सड़कें पहुंची, पीने का शुद्ध पानी पहुंचा, विद्यालय और अस्पताल बने। लॉ एंड आर्डर का राज कायम हुआ और लोगों को अमन-चैन नसीब हुआ। 


उन्होंने कहा कि एनडीए का आर्थिक न्याय यह है कि आज आमलोगों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई। राजद शासन काल में बाढ़ पीड़ित भूखे-प्यासे मारे फिरते थे और राहत के नाम पर सरकारी राशि का सुनियोजित तरीके से बंदरबांट होता था। आज बाढ़ पीड़ितों को पर्याप्त राहत सामग्री से लेकर राहत सम्मान राशि प्रति परिवार 6 हजार रुपये एवं अन्य सुविधाएं सरकार भरपूर मात्रा में उपलब्ध कराई है। बाढ़ पीड़ितों के बीच चिकित्सकों एवं आवश्यक दवाओं की सुविधाएं भी लगातार मुहैया करायी जा रही हैं। मुख्यालय स्तर पर भी इसकी लगातार समीक्षा हो रही है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को जानकारी रखकर बयान देना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष को गिनती नहीं आती है। हर मामले में वे झूठे आंकड़ों को जनता के बीच परोस बरगलाने का काम कर रहे हैं। आज बिहार में मरीजों के स्वस्थ होने का स्थान देश में दूसरा है। रिकवरी रेट 86.56 फीसदी हो गया है। वहीं मृत्यु दर केवल 0.50 फीसदी है। पिछले 13 दिनों में राज्य में एक्टिव केसेस में लगभग 16000 की कमी हुई है। अब मात्र 17181 एक्टिव केस हैं। 

उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष इन चीजों की तुलना दूसरे राज्यों से कर लेंगे, तो उन्हें समझ में आ जायेगा कि बिहार में कोरोना की क्या स्थिति है। झूठा और अनर्गल बयान देने से जनता भ्रमित होने वाली नहीं है। आज गांव के टोलो में भी लोग कोरोना की जांच होते देख रहे हैं।

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