अमीन की नियुक्ति से जुड़ी याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से चार सप्ताह में मांगा जवाब

अमीन की नियुक्ति से जुड़ी याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से चार सप्ताह में मांगा जवाब

पटना. पटना हाईकोर्ट ने राज्य में अमीन के पद पर की जाने वाली नियुक्ति के लिए बनायी गयी सूची को निरस्त करने के लिए दायर की गयी रिट याचिका पर  सुनवाई की. जस्टिस अनिल कुमार सिन्हा ने नारायण चौधरी की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार के साथ-साथ राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव और बिहार संयुक्त तकनीकी परीक्षा सेवा आयोग को नोटिस जारी कर जबाब देने के लिए चार सप्ताह की मोहलत दी है.

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता राज कुमार राजेश ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ने सूबे में अमीनों के 1767 पदों पर नियुक्ति के लिए 21 दिसंबर 2019 को एक विज्ञापन निकाला था. विज्ञापन के बाद इस पद पर नियुक्ति के लिए उम्मीदवारों ने अपना आवेदन जमा किया.

सरकार द्वारा  नियुक्ति के लिए आवेदनों की छंटनी कर एक सूची वेबसाइट पर डाली गई. याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि जो सूची वेबसाइट पर अपलोड किया गया है, उसमें ज्यादातर वैसे लोगों का नाम शामिल था, जिनके पस इस  पद पर नियुक्त होने के लिए निर्धारित तकनीकी योग्यता नहीं थी. वहीं जिन लोगों के पास इस पद के लिए निर्धारित तकनीकी योग्यता था, उनका नाम इस सूची में शामिल नहीं था.


याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि इस तरह के गैर तकनीकी लोगों की नियुक्ति करने के लिए सरकार ने पहले भी प्रयास किया था. इसे कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया था. इसके बाद भी फिर उसी प्रकार की लिस्ट सरकार बना रही है, जो कि गलत और प्रावधानों का उल्लंघन  है.

याचिकाकर्ता ने कोर्ट से अनुरोध किया कि सरकार द्वारा बनाये गये सूची को निरस्त कर अमीन पद पर नियुक्ति के लिए तकनीकी योग्यता रखने वाले लोगों की सूची बनाने का निर्देश राज्य सरकार को दें. उनकी योग्यता और  सर्वे सेटलमेंट एक्ट में निर्धारित योग्यता के अनुसार सरकार को सूची बनाने के निर्देश दिये जाय. इस मामले की अगली सुनवाई फिर चार सप्ताह बाद होगी.

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