फुलवारीशरीफ के मजार अतिक्रमण से जुड़ी याचिका पर पटना हाई कोर्ट में सुनवाई, कोर्ट ने बिहार सरकार और सुन्नी वक्फ बोर्ड सहित कई पक्षों को भेजा नोटिस

फुलवारीशरीफ के मजार अतिक्रमण से जुड़ी याचिका पर पटना हाई कोर्ट में सुनवाई, कोर्ट ने बिहार सरकार और सुन्नी वक्फ बोर्ड सहित कई पक्षों को भेजा नोटिस

पटना. पटना हाईकोर्ट ने मजार को अतिक्रमण से बचाने के लिए दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई की. चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने राज्य सरकार, पटना के डीएम, पटना के एसएसपी, पटना सदर के एसडीओ, फुलवारीशरीफ के डीएसपी, एसएचओ व सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष को नोटिस जारी किया है. ये जनहित याचिका मंसूर आलम ने दायर की है. इस मामले में कोर्ट ने सभी पक्षों को व्यक्तिगत तौर पर नोटिस देने का आदेश दिया है.

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि फुलवारीशरीफ में टमटम पड़ाव के पास 3.5 एकड़ में सुन्नी वक्फ का काफी समय से कब्रिस्तान है, जिसे मिनहाज रहमातुल्लाह अल्लाएह मजार और बाबा मखदूम साहेब मजार के नाम से जाना जाता है. इसे हिन्दू और मुसलमानों के लिए मन्नत का एक केंद्र माना जाता है, लेकिन कुछ जमीन माफियाओं द्वारा दिनों दिन जमीन को कब्जा किये जाने की वजह से मजार का आधा क्षेत्र अतिक्रमण कर लिया गया है. अब इस कब्रिस्तान के भूमि पर अवैध रूप से दुकान का निर्माण भी किये जाने लगा है.

इसके बाद याचिकाकर्ता द्वारा जमीन माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई करने को लेकर राज्य के मुख्य मंत्री को एक आवेदन भी 25 सितंबर, 2020 को दिया गया. साथ ही याचिकाकर्ता ने संयुक्त आवेदन पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी, सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष, फुलवारीशरीफ के डीएसपी व एसएचओ को भी दिया, जिसकी प्रति राज्य के डीजीपी, फुलवारीशरीफ के सीओ व राज्य के गृह सचिव को भी भेजी गई.

कोई कार्रवाई नहीं होता देख याचिकाकर्ता ने पटना सदर के एसडीएम के समक्ष सीआरपीसी धारा 144 के तहत कार्रवाई प्रारंभ करने को लेकर याचिका दायर की. इसके बाद फुलवारीशरीफ थाना से रिपोर्ट मांगी गयी, किन्तु अवैध तरीके से दुकान का निर्माण कार्य जारी रहा.


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