विचाराधीन कैदी को हथकड़ी लगाने के मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई, IG (जेल) को दिया यह आदेश

विचाराधीन कैदी को हथकड़ी लगाने के मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई, IG (जेल) को दिया यह आदेश

पटना. हाईकोर्ट ने सजायाफ्ता व विचाराधीन कैदियों को हथकड़ी लगाए जाने के मामले में राज्य सरकार के इंस्पेक्टर जनरल (जेल) को एक सप्ताह में शपथ-पत्र दायर करने का आदेश दिया है। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने विधि के छात्र कुमार अभिषेक द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश को पारित किया है।

याचिकाकर्ता का कहना था कि सिटीजन्स फोर डेमोक्रेसी बनाम स्टेट ऑफ असम व अन्य के मामले में वर्ष 1995 में ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कैदियों को एक जेल से दूसरे जेल में लाने व ले जाने तथा जेल से कोर्ट लाने व ले जाने के दौरान हथकड़ी और अन्य बेड़ियों का बलपूर्वक प्रयोग नहीं किया जाए।

फैसले के मुताबिक पुलिस और जेल के अधिकारियों को स्वयं कैदियों को हथकड़ी और बेड़ी लगाने के लिए आदेश देने का अधिकार नहीं होगा। याचिकाकर्ता का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिये गये फैसले के बावजूद बिहार की पुलिस कैदियों को हथकड़ी लगाने का काम कर रही है। इन अधिकारियों द्वारा की जा रही इस कार्रवाई को अमानवीय कार्य कहा जा सकता है। याचिका में यह कहा गया है कि यदि इसे जारी रखने की अनुमति दी जाती है तो यह न्याय की एक बड़ी विफलता होगी।


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