बिहार में पुलिस जांच की खामियों पर हाईकोर्ट में सुनवाई, सरकार को 19 सितंबर तक जवाब देने को कहा

बिहार में पुलिस जांच की खामियों पर हाईकोर्ट में सुनवाई, सरकार को 19 सितंबर तक जवाब देने को कहा

पटना. हाईकोर्ट ने राज्य में पुलिस द्वारा सही ढंग और स्तरीय जांच नहीं किये जाने के कारण अपराधियों को सजा से बच जाने के मामले पर सुनवाई की। जस्टिस अश्विनि कुमार सिंह की खंडपीठ ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को जवाब देने के लिए 19 सितम्बर, 2022 तक की मोहलत दी।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को ये बताने को कहा था कि पुलिस की जांच का स्तर सुधारने के लिए क्या कार्रवाई हो रही हैं।पिछली सुनवाई में कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा था कि पुलिस द्वारा जांच में त्रुटि और कमियों के कारण बड़ी संख्या में अपराधी सजा से बच जाते है। कोर्ट ने इस पर काफी गंभीर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इस तरह के जांच से अपराधियों को सजा नहीं मिल पाना सही नहीं है।

उन्होंने कहा कि जहां पुलिस अधिकारियों को सही ढंग से आपराधिक मामलों की जांच के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराया जाना जरूरी है। सही तरीके से जांच करने पर अपराधियों को कोर्ट द्वारा सजा दी जा सकेगी।

पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने सही ढंग से पुलिस द्वारा जांच नहीं करने, ठोस सबूत और गवाहियां प्रस्तुत करने पर अपराधियों के सजा से बच जाने के उदाहरण भी दिया था। ऐसा ही मामला गोपालगंज जहरीली शराब पीने से हुए मौत का मामला है, जहां पुलिस जांच में कमियों के कारण कई अभियुक्त सजा से बच गये।

कोर्ट ने कहा कि जब तक अपराधियों को सख्त सजा नहीं मिलेगी, कोई भी सुरक्षित नहीं रह सकता है। इसके लिए आवश्यक है कि पुलिस के जांच आधुनिक, स्तरीय और वैज्ञानिक हो, जिसमें अपराधियों को सजा मिलना सुनिश्चित हो। इस मामले पर अगली सुनवाई 19 सितम्बर 2022 को की जाएगी। बिहार में पुलिस जांच की खामियों की वजह से अपराधियों के छूटने पर हाईकोर्ट में सुनवाई, सरकार को 19 सितंबर तक जवाब देने को कहा है।


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