लड़की की शिकायत सुन CM नीतीश ने DM को किया तलब, कहा- बुलाओ डीएम को, आनन-फानन में पहुंचे जिलाधिकारी

लड़की की शिकायत सुन CM नीतीश ने DM को किया तलब, कहा- बुलाओ डीएम को, आनन-फानन में पहुंचे जिलाधिकारी

PATNA: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जनता दरबार में एक छात्रा की शिकायत पर नीतीश कुमार भड़क गए। पहले शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को फोन लगाया। इसके बाद कहा-पटना के डीएम को बुलाओ. सीएम के आदेश पर पटना के जिलाधिकारी भागे-भागे पहुंचे। इसके बाद नीतीश कुमार ने जिलाधिकारी से कहा कि लड़की को क्यों नहीं छात्रवृति का लाभ मिला है। यह लड़की 2019 में ही स्नातक पास की है।

मुख्यमंत्री ने डीएम को किया तलब 

दरअसल, पटना की एक लड़की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जनता दरबार में पहुंच गई। उसने कहा कि हम 2019 में ही स्नातक पास किये. अब तक छात्रवृति योजना का लाभ नहीं मिला है। इसके बाद नीतीश कुमार फार्म में आ गये। पहले शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को फोन किया। इसके बाद डीएम को तलब कर लिया। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी से कहा,''अरे भाई हम कह दिए हैं शिक्षा विभाग को. लड़की 2019 में स्नातक पास की है. इसको छात्रवृत्ति का लाभ अब तक नहीं मिला है. क्यों नहीं मिला है? तत्काल जाकर देखिए इसको, तुरंत मिलना न चाहिए. जिलाधिकारी ने कहा कि हम रिपोर्ट भेज देते हैं. इस पर नीतीश कुमार ने कहा कि भेज देते हैं तो भेजिए ना .इसको इतना दिन से क्यों नहीं मिला, जबकि 2019 में पास की है.

जनता दरबार में समस्या का नहीं हो रहा समाधान 

 फरियादियों की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं होती। एक समस्या के लिए फरियादियों को बार-बार आना पड़ता है। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी अधिकारी कार्रवाई नहीं करते। आज के जनता दरबार में दो-तीन ऐसे फरियादी आये जो दूसरी दफे मुख्यमंत्री से एक ही फरियाद लेकर पहुंचे। जनता दरबार की पोल खुलने के बाद नीतीश कुमार गुस्सा गये। सीएम नीतीश ने मुख्य़मंत्री सचिवालय के अधिकारियों से कहा कि नोट करिए जो एक ही समस्या लेकर दूसरी दफे पहुंचे है. आखिर यहां आने के बाद भी काम क्यों नहीं हो रहा। 

जनता दरबार की निकली हवा

दरअसल, जनता दरबार में औरंगाबाद के एक युवक ने कंप्लेन किया। फरियादी ने कहा कि आज दूसरी दफे आपके पास आ रहे हैं. हमारे गांव के सरकारी स्कूल की जमीन पर कब्जा किया जा रहा है। नवंबर 2021 में जब आये थे तो आपने जमीन अतिक्रमण मुक्त करने का आदेश दिया था। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद नीतीश कुमार गुस्सा गये। उन्होंने तुरंत शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को फोन लगाया। मुख्यमंत्रई ने कहा- औरंगाबाद से आए हैं ,यह दोबारा आए हैं अजय कुमार सिंह नाम है. दबंगों द्वारा मध्य विद्यालय की जमीन पर कब्जा करने की शिकायत लेकर आए हैं. नवंबर 2021 में भी आए थे. उस समय भी बात हुई थी. फिर भी अभी तक कुछ नहीं हुआ. दोबारा आदमी को आना पड़ रहा है. तुरंत देखिए इसको. इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीएम सचिवालय के अधिकारियों से कहा कि जरा नोट करो भाई, दूसरी बार आए हैं 2-3 लोग. दूसरी बार आने वाला कर नोट कीजिए. आखिर क्यों नहीं हो रहा है काम। 


मुजफ्फरपुर से आई एक महिला ने मुख्यमंत्री से कहा कि हमारे पति की मृत्यु कोरोना से हो गई। इसके बाद भी उन्हें सरकारी सहायता नहीं मिली। इसके बाद सीएम नीतीश ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी को फोन लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इनके पति की मृत्यु कोरोना से हो गई। इनका कहना है कि इन्हें सरकारी सहायता राशि नहीं मिली है। इसके देखिए। पश्चिम चंपारण से आये एक युवक ने सीएम नीतीश के जनता दरबार की पोल खोल दी। कहा कि पिता की कोरोना से मृत्यु पर मुआवजा को लेकर दूसरी दफे आपके पास आये हैं. अब तक सरकारी सहायता नहीं मिली। 

फरियादी की शिकायत सुन सीएम नीतीश ने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को फोन लगाया। सीएम नीतीश ने कहा कि पश्चिम चंपारण से आया है सत्य कुमार पांडेय. इसके पिता की मृत्यु कोविड से हुई थी। अप्रैल में यह आया था जनता दरबार में. उस समय हो गया था कि मिल जायेगी सहाता राशि. अब तक नहीं मिला है। क्यों नहीं क्लियर किया है. हर बार तो आ ही रहा न यह आदमी. जो आ गया है जनता दरबार में उसको कर न दीजिए. यह दूसरी बार आ रहा है जनता दरबार में. इसको देख लीजिए। इसके बाद आपदा प्रबंधन के सचिव को सीएम नीतीश ने फोन लगाया। कहा कि अब तक 4-5 आ गया, कोरोना से मृत्यु वाला। आप जाइए..प्रत्यय जी आपसे बात करेंगे. जा कर देखिए। 

वहीं मुजफ्फरपुर की ही एक दूसरी महिला ने मुख्यमंत्री से शिकायत की। महिला ने कहा कि एक अनुदानित कॉलेज है. कॉलेज के सचिव ही स्कूल की जमीन का कब्जा कर रहे हैं. इस पर सीएम नीतीश ने शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव को फोन लगाया और कहा कि इसे देखिए। भागलपुर से आये एक युवक ने सीएम नीतीश से कहा कि 2016 में हमने मैट्रिक की परीक्षा दी। लापरवाही से उसका रिजल्ट फंस गया। कभी प्रथम श्रेणी से पास किया गया फिर सेकेंड, फिर फर्स्ट. तरह-तरह से पास कराया गया। अंत में मैं फर्स्ट डिवीजन से पास हुआ। इसके बाद भी हमें पैसा नहीं दिया गया। इसके बाद सीएम नीतीश ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को फोन लगाकर कहा कि इसे देखिए।

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