हेलमेट-सीटबेल्ट के साथ जिलों में चला विशेष ओवरलोडिंग जांच अभियान, 150 वाहनों पर हुई कार्रवाई

हेलमेट-सीटबेल्ट के साथ जिलों में चला विशेष ओवरलोडिंग जांच अभियान, 150 वाहनों पर हुई कार्रवाई

PATNA : बालू-गिट्टी लदे ओवरलोडिंग ट्रकों की जांच के साथ राज्यभर में शनिवार को हेलमेट-सीटबेल्ट एवं  प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाया गया।  ओवर लोडिंग और सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन में कुल 345 वाहन चालकों पर कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान  ओवरलोडिंग 70 ट्रकों को जब्त, 59 पर जुर्माना और 21 ओवरलोडिंग ट्रकों का परमिट रद्द करने की अनुशंसा की गई। यह अभियान जिलों में  परिवहन सचिव वे निर्देश पर डीटीओ, एमवीआई और ईएसआई द्वारा चलाया गया। 

परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि यातायात नियमों का अनुपालन कराने के साथ साथ राज्यभर में ओवरलोडिंग विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सख्ती पूर्वक अभियान चलाए जाने का असर विभिन्न जिलों में दिख रहा है। जिलों में वाहन चलाते समय हेलमेट-सीटबेल्ट का धारण करने का प्रतिशत बढ़ा है। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर भी कार्रवाई की जा रही। जांच अभियान के दौरान प्रदूषण फैलाते वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा की ओवरलोडिंग वाहनों का परिचालन किया जाना सड़क सुरक्षा नियम एवं मोटर वाहन अधिनियमों का उल्लंघन है। वाहनों की ओवरलोडिंग न केवल पुल और सड़कों को क्षतिग्रस्त करती है,बल्कि सड़क दुर्घटना की संभावना अधिक बढ़ जाती है।  ओवरलोडिंग के विरुद्ध लगातार सघन जांच अभियान चलाया जाएगा।

परिवहन सचिव ने कहा की राज्य सरकार द्वारा 14 चक्के या उससे अधिक चक्के के ट्रकों का प्रयोग बालू-गिट्टी के उठाव एवं परिवहन पर रोक लगाई गई है। इसका सख्ती पूर्वक अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए सभी जिलों के जिला पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है। बालू एवं गिट्टी का परिवहन किसी भी परिस्थिति में 14 चक्के या उससे अधिक चक्के के ट्रकों में नहीं होना चाहिए। बालू एवं गिट्टी का परिवहन 6 से 10 चक्का के ट्रकों में अधिकतम 3 फीट की ऊंचाई डाला तक एवं 12 चक्का के ट्रकों में अधिकतम 3 फीट 6 ईंच की ऊंचाई के डाला तक ही किया जाय। 

उन्होंने कहा की इसके उल्लंघन की स्थिति में दोषियों के विरुद्ध कानून एवं नियमों के तहत  प्रभावी कार्रवाई के साथ ही परमिट एवं चालक अनुज्ञप्ति रद्द करने हेतु आवश्यक कार्रवाई की जाय। साथ ही खनन बंदोबस्तधारी एवं खनन पदाधिकारी के साथ बैठक कर यह सुनिश्चित किया जाय कि कोई भी ट्रक निर्धारित क्षमता एवं अनुमान्य स्पेसिफिकेशन के वाहन से ही बालू तथा गिट्टी का लदान एवं परिवहन लदान स्थल से सुनिश्चित हो।

पटना से विवेकानंद की रिपोर्ट

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