अवमानना मामलों में हाईकोर्ट ने बिहार सरकार को चार सप्ताह में हलफनामा दायर करने का दिया निर्देश, मुख्य सचिव व डीजीपी समेत कई आला अधिकारी हुए पेश

अवमानना मामलों में हाईकोर्ट ने बिहार सरकार को चार सप्ताह में हलफनामा दायर करने का दिया निर्देश, मुख्य सचिव व डीजीपी समेत कई आला अधिकारी हुए पेश

पटना. हाइकोर्ट ने बड़ी संख्या में सूचीबद्ध अवमानना वादों पर सुनवाई की। जस्टिस ए अमानुल्लाह की खंडपीठ ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को सामान्य अवमानना वादों में अदालती आदेशों का चार सप्ताह में हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन अवमानना वादों में कोई त्रुटि या कमियां नहीं है, उनका चार सप्ताह में अदालती आदेश का पालन कर देना है।

आज कोर्ट में मुख्य सचिव, डीजीपी और अपर मुख्य सचिव चैतन्या प्रसाद कोर्ट में उपस्थित थे। इसके अलावे नगर विकास और आवास विभाग, वित्त, गृह, स्वास्थ्य, पंचायती व कई अन्य विभागों के वरीय अधिकारी उपस्थित थे। कोर्ट ने इन्हें अवमानना वादों की सुनवाई के दौरान उपस्थित होने का आदेश दिया था। अवमानना वादों पर सुनवाई करते हुए कहा कि अदालती आदेश का पालन नहीं किया जाना गंभीर मामला है। कोर्ट ने वरीय पदाधिकारियों को स्पष्ट कहा कि अपने अधीनस्थों से अदालती आदेश का पालन कराने की जिम्मेदारी है। इनसे सख्त ढंग से काम कराने की आवश्यकता है।

कोर्ट ने कहा कि जिन मामलों में अपील दायर की गयी है या अपील दायर करने की प्रक्रिया चल रही है, उनकी सूची एडवोकेट जनरल को एक सप्ताह में कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने ये भी स्पष्ट किया कि जिन मामलों में राज्य की नीति के विरुद्ध मामला हो या जिससे राज्य पर अनावश्यक वित्तीय बोझ पड़े, उन्हें कोर्ट के ध्यान में लाया जाए।

कोर्ट ने इन अधिकारियों को स्पष्ट किया कि इन मामलों में उन्हें बड़ी सतर्कता और ठोस कार्रवाई करनी होगी। कोर्ट ने उन्हें कहा कि अगर उन्हें कोर्ट के आदेश के पालन में किसी तरह की कठिनाई हो तो उसे कोर्ट के समक्ष रखे। कोर्ट ने उन्हें आश्वास्त किया कि अगर उन्हें वास्तव में अदालती आदेश के पालन में कोई दिक्कत हो, कोर्ट के सामने वे बता सकते हैं।

पटना हाइकोर्ट ने कहा कि बड़ी संख्या में अदालती आदेश का पालन नहीं किये जाने पर अदालती अवमानना दायर किया जाता रहा है। अदालती अवमानना के वादों के सुनवाई के दौरान दिये गये अदालती आदेश का सरकारी विभागों व अधिकारियों द्वारा पालन नहीं किया जाता है। 

कोर्ट ने इस स्थिति पर चिंता जाहिर की। कोर्ट इन अधिकारियों से ये भी जानना चाहा है कि अदालती अवमानना के मामले में कोर्ट के आदेश का कैसे शीघ्र अनुपालन किया जा सकता है। साथ ही इन मामलों के निपटारे में कितना समय लगेगा। इस सम्बन्ध में कोर्ट ने इन अधिकारियों से जानकारी चाही। इस मामले पर अगली सुनवाई 21 दिसम्बर 2022 को की जाएगी।

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