पटना-गया रोड की खराब हालत पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार को 10 दिसम्बर तक जवाब देने का दिया निर्देश

पटना-गया रोड की खराब हालत पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार को 10 दिसम्बर तक जवाब देने का दिया निर्देश

PATNA : पटना गया रोड की दयनीय स्थिति पर दायर लोकहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने सरकार से 10 दिसंबर तक जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश डॉ अनिल कुमार उपाध्याय की खंडपीठ में गौरव कुमार सिंह की लोकहित याचिका पर सुनवाई करते हुए गंभीर चिंता व्यक्त की है।

माननीय न्यायाधीशों ने फल्गु नदी में कूड़ा एवं कचरा से हो रहे प्रदूषण पर भी नाराजगी जताई है। इसके लिए कोर्ट में गया के डीएम नगर निगम के आयुक्त और एनएचआईए के क्षेत्रीय अधिकारी को 10 दिसंबर को हाजिर होने को कहा है।

गौरव कुमार सिंह के द्वारा दायर लोकहित याचिका में यह बताया गया था कि गया से पटना जाने वाली सड़क की स्थिति बद से बदतर है इस सड़क पर यात्रा करना काफी कठिन काम है। लोकहित याचिका में यह भी बताया गया है कि वर्तमान में गया से पटना जाने में 4 घंटे से भी ज्यादा समय लगता है जबकि अगर सड़क को दुरुस्त कर दिया जाए तो यह दूरी सिर्फ 2 घंटे में तय की जा सकती है।

कोर्ट को यह भी बताया गया है कि चुकी बोधगया और गया एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल है कई देशों के लोग यहां तीर्थ अस्थल समझ कर आते हैं। वही बोधगया विदेशी पर्यटकों के लिए सबसे मुफीद जगह है। उसके बावजूद वर्षों से गया पटना सड़क की स्थिति बदतर बनी हुई है।

 इस लोकहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने जल संसाधन व पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव गया कैदी गम नगर निगम के आयुक्त और एनएचआईए के क्षेत्रीय अधिकारी और नोडल अधिकारी को 10 दिसंबर को हाजिर होकर जवाब देने को कहा है।


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