PM मोदी ने दिलाई तीन तलाक से मुक्ति, समाज सुधारकों में लिखा जाएगा नाम

PM मोदी ने दिलाई तीन तलाक से मुक्ति, समाज सुधारकों में लिखा जाएगा नाम

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम में तीन तलाक पर कहा है कि कानून बनने से मुस्लिम महिलाओं को उनका हक मिला है। उन्होंने कहा कि तीन तलाक का विरोध वोट बैंक की राजनीति से प्रेरित है। तीन तलाक एक कुप्रथा थी, इसमें संदेह नहीं है। इसके विरोध के पीछे तुष्टिकरण की राजनीति है। राजनीतिक फायदे के लिए इसका विरोध हुआ। यह ऐतिहासिक कदम उठाने के लिए पीएम मोदी का नाम इतिहास के समाज सुधारकों में लिखा जाएगा।

अमित शाह ने कहा कि तीन तलाक एक कुप्रथा थी, इसमें कोई संदेह नहीं है। तीन तलाक पर कानून बनने से मुस्लिम महिलाओं को हक मिला है। उन्होंने कहा कि 16 घोषि‍त इस्लामी देशों ने अलग-अलग समय पर ट्रिपल तलाक को तलाक देने का काम किया है, हमें 56 साल लगे। इसका मुख्य कारण कांग्रेस की तुष्ट‍ीकरण की राजनीति थी। अगर यह इस्लाम के खिलाफ होता तो ये देश गैर इस्लामिक काम क्यों करते।

उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने साढ़े पांच साल के अपने कार्यकाल के अंदर 25 से ज्यादा ऐतिहासिक निर्णय लेकर देश की दिशा बदलने का काम किया है। यह नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का कमाल है। ट्रिपल तलाक को खत्म करना केवल और केवल मुस्लिम समाज के फायदे के लिए है। ट्रिपल तलाक की प्रताड़ना 50 फीसदी मुस्लिम आबादी यानी माताओं, बहनों को झेलनी पड़ती है।

गृह मंत्री ने आगे कहा, 'शाह बानो ने इस आंदोलन के लिए बहुत संघर्ष किया। राजीव गांधी 400 सीटों के साथ पीएम बने थे। 23 अप्रैल 1985 को सुप्रीम कोर्ट ने शाह बानो के पक्ष में आदेश दिया। अदालत ने ट्रिपल तलाक को समाप्त कर दिया और कहा कि रखरखाव देना अनिवार्य है और तलाक के लिए कारण दिया जाना चाहिए। वह एक काला दिन माना जाता है जब राजीव गांधी एक कानून लाए और सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलट दिया। कांगेस अब भी शर्मनाक तरीके से इसका बचाव करने की कोशिश कर रही है। आरिफ मुहम्मद खान ने राजीव गांधी को उस समय अपना इस्तीफा दे दिया और उन्होंने ट्रिपल तलाक के खिलाफ लड़ाई लड़ी।'

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