केन्द्र बनाम राज्य होती दिख रही पश्चिम बंगाल की लड़ाई, 24 परगना में हुई हिंसा पर गृह मंत्री ने सीएम ममता से मांगा जवाब

 केन्द्र बनाम राज्य होती दिख रही पश्चिम बंगाल की लड़ाई, 24 परगना में हुई हिंसा पर गृह मंत्री ने सीएम ममता से मांगा जवाब

NEWS4NATION DESK : लोकसभा चुनाव के समय से पश्चिम बंगाल में शुरु हुई राजनीतिक हिंसा और तनाव थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य की बिगड़ती हालत को लेकर राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी ने चिंता जताई है और वह नई दिल्ली में सोमवार को पीएम से मिलने वाले हैं। हालांकि उन्होंने हिंसा पर बातचीत से इनकार किया है।

शनिवार हुई हिंसा में मारे गये शवों को पार्टी दफ्तर ले जाने के लिए बीजेपी कार्यकर्ता दो घंटे तक अड़े रहे। कार्यकर्ताओं के अंतिम संस्कार पर भी टकराव हुआ। बीजेपी कार्यकर्ता शवों को पार्टी दफ्तर ले जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने रोक दिया। करीब दो घंटे की तनातनी के बाद बीजेपी नेता गांव में ही अंतिम संस्कार पर राजी हुए। 

इधर बीजेपी ने आज सोमवार को समूचे बंगाल में 12 घंटे का बंद बुलाया है और इसे काला दिन के तौर पर मनाने के लिए कहा है। हिंसा वाले इलाके में सांसदों की एक टीम जाएगी। बीजेपी ने इस मामले में पुलिस की भूमिका को लेकर कोर्ट जाने की भी बात कही है।
 
इस पूरे प्रकरण के बाद पश्चिम बंगाल की लड़ाई अब केंद्र बनाम राज्य होती दिख रही है। राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच उत्तर 24 परगना में हुई खूनी झड़प के मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बंगाल की ममता सरकार से रिपोर्ट तलब की है। वहीं केंद्र ने बंगाल को अडवाइजरी भी जारी की है। 

बताया जा रहा है कि जारी अडवाइजरी में जिसमें गहरी चिंता जताते हुए कहा गया है कि लोकसभा चुनाव के बाद भी हिंसा होना राज्य सरकार की नाकामी दिखाती है। बंगाल सरकार को सलाह दी गई है कि वह कानून-व्यवस्था, शांति और अमन-चैन बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए। लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। जवाब में बंगाल सरकार ने सुरक्षा एजेंसियों की नाकामी को नकारते हुए कहा कि स्थिति नियंत्रण में है।
 
हालांकि बीजेपी का दावा है कि उसके पांच समर्थकों की हत्या की गई है और 18 लापता हैं। टीएमसी ने अपने 3 समर्थकों की हत्या होने का दावा किया है। तृणमूल ने कहा कि उसके दो कार्यकर्ताओं को नदी में डुबो दिया गया। कई वर्कर घायल हैं, जबकि 6 का पता नहीं चल सका है। पुलिस टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।

बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि हालात नहीं सुधरे तो राष्ट्रपति शासन की मांग करेंगे। बीजेपी के मुकुल रॉय ने सीधे सीएम ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने भाषणों और बैठकों के जरिये इस राजनीतिक तनाव को भड़काया। 

वहीं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि चुनावों में जनता का गुस्सा झेलने के बाद ममता बनर्जी हताशा में हिंसा का सहारा ले रही हैं। इधर राज्य के मंत्री ज्योतिप्रियो मुलिक ने भी बीजेपी पर ऐसे ही आरोप लगाए है। उन्होंने अंदेशा जताया है कि उनके कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई है।

 

 

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