मुफ्त में नहीं होती राज्यों में अर्धसैनिक बलों की तैनाती, जानिए इसके लिए कितना पैसा वसूलती है केंद्र सरकार?

मुफ्त में नहीं होती राज्यों में अर्धसैनिक बलों की तैनाती, जानिए इसके लिए कितना पैसा वसूलती है केंद्र सरकार?

अर्धसैनिक बलों की तैनाती अब राज्यों को और महंगी पड़ने वाली है। सुरक्षा के एवज में राज्य सरकारों को अब ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को चिट्ठी भेजी है, जिसमें कहा गया है कि जिन राज्यों को अर्धसैनिक बलों की जरूरत होगी उनको अब ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। केंद्र सरकार पहले के मुकाबले अब राज्यों से अर्धसैनिक बलो की तैनाती के एवज में 10 से 15 फीसदी अधिक चार्ज वसूल करेगी।

गृह मंत्रालय ने राज्य सरकारों से कहा है कि अब संवेदनशील इलाकों में अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त तैनाती के लिए अधिक भुकतान करना होगा। गृह मंत्रालय ने अर्धसैनिक बलों की तैनाती पर अगले 5 साल के लिए नई दरें तय की हैं। जिसके तहत साल 2018-19 में राज्यों को एक बटालियन की तैनाती के लिए करीब 13 करोड़ देने हैं तो वहीं हाई रिस्क और हार्ड शिप एरिया के लिए 34 करोड़ रुपये सालाना चुकाने होंगे।

इसके अलावा साल 2023-24  में राज्यों को एक बटालियन की तैनाती के लिए करीब 22 करोड़ देने हैं। वहीं हाई रिस्क और हार्ड शिप एरिया के लिए करीब 42 करोड़ सलाना देने होंगे। केंद्र सरकार के सूत्रों के मुताबिक कई ऐसे राज्य हैं जिन पर अर्धसैनिक बलों का करोड़ों रुपये बकाया है, और लंबे वक्त से पैसे नहीं चुकाए हैं। वैसे राज्यों को रिमाइंडर भेजा जा रहा है।


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