हेडलाइन्स से पीड़ा में हैं हुजूर! पुलिस मुख्यालय के SP ने News4Nation को 'नोटिस' भेज पहले सफाई देने नहीं तो कार्रवाई करने की दी धमकी

हेडलाइन्स से पीड़ा में हैं हुजूर! पुलिस मुख्यालय के SP ने News4Nation को 'नोटिस' भेज पहले सफाई देने नहीं तो कार्रवाई करने की दी धमकी

PATNA: ''पुलिस ने 15 दिनों में करोड़ों की कर ली कमाई! अब प्र. सचिव ने बालू कारोबारी बिहार पुलिस की खोली पोल, DGP को लिखा पत्र''. यह हेडलाइन बिहार पुलिस मुख्यालय में EOU के एक एसपी को नागवार लगा। आनन-फानन में उन्होंने एक नोटिस न्यूज4नेशन के पत्रकार को थमा दिया। नोटिस आईपीसी की धारा-160 के तहत दिया गया है, जिसमें लिखा है कि आपके चैनल पर ''बालू के अवैध उत्खनन में मिलीभगत से पुलिस विभाग द्वारा 15 दिनों में करोड़ों की कर ली कमाई''. इससे आम जनता में पुलिस की छवि धूमिल हुई है। आप आर्थिक अपराध इकाई बिहार पटना के दफ्तर में हाजिर होकर ठोस साक्ष्य दें नहीं तो यथोचित कार्रवाई की जायेगी। 

हेडलाइन्स से पीड़ा में हैं हुजूर!

बता दें, न्यूज4नेशन ने बालू के खनन से संबंधित खान एवं भूतत्व विभाग के प्रधान सचिव के द्वारा 17 मई को बिहार के DGP को लिखे गये पत्र के आधार पर खबर लिखी थी। उस पत्र में स्पष्ट लिखा गया है कि अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने हेतू संबंधित डीएम-एसपी को नियमित कार्रवाई का निदेश 7 मई 2021 तो ही दिया गया था। प्रधान सचिव अपने पत्र में इसका भी जिक्र करती हैं कि मीडिया में स्थानीय थानों के पुलिस कर्मियों द्वारा स्कॉट कर बालू के ओवरलोडेड वाहनों को चलाने की सूचना प्रकाशित हो रही है। इतना ही नहीं पत्र में इसका भी जिक्र है कि जिलों के सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध खनन,परिवहन एवं भंडारण की गंभीर शिकायत प्राप्त हो रही है। इसलिए जिलों में अवैध खनन के रोकथाम हेतू पर्याप्त साधन एवं बल के साथ कार्रवाई एवं निगरानी की व्यवस्था करें। 

पत्र से परेशानी

खनन विभाग के प्रधान सचिव ने साफ-साफ लिखा है कि अवैध खनन कार्यों में लिप्त दोषी पुलिसकर्मियों,पदाधिकारियों के खिलाफ जांच कराते हुए कठोर कार्रवाई करना चाहिए। मतलब प्रधान सचिव ने अपने पत्र में साफ कहा है कि खनन का कार्य बंद होने से अवैध खनन की लगातार शिकायत मिल रही। इसमें स्थानीय थानों की संलिप्तता की शिकायत मिल रही है। 

ट्रकों को स्कॉट कर कौन और क्यों ले जा रहा था?

खान एवं भूतत्व विभाग के प्रधान सचिव के द्वारा डीजीपी को लिखे गये पत्र से राजनीतिक गलियारे में भी भूचाल मच गया है। प्रधान सचिव के पत्र लिखने के बाद कान में तेल डाल कर सोई पुलिस-प्रशासन ताबड़तोड़ छापेमारी में जुटा है। परिणाम देखिये कि जिन घाटों पर अवैध खनन की शिकायत मिल रही थी वहां छापेमारी के बाद सबूत भी मिल रहे हैं। कल ही पटना जिले के सिर्फ एक थाने रानीतालाब में छापेमारी में 13 पोकलेन मशीन,दो हाईवा,चार ट्रैक्टर जब्त करने के साथ 38 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। यह सिर्फ मजमून है.....बड़ा सवाल यह है कि इस अवैध धंधे का संरक्षक कौन है? यह सबको पता है। तभी तो कुछ ही दिन पहले बालू खनन कंपनी 'ब्रॉडसन' ने भोजपुर, सारण, पटना, औरंगाबाद और रोहतास में खनन करने से इंकार कर दिया था। कंपनी के पत्र में साफ-साफ लिखा गया था कि हमें सहयोग नहीं मिल रहा। आखिर अवैध खनन वालों के पीछे स्थानीय स्तर पर किसका हाथ है? आखिर बालू से लदे ट्रकों को स्कॉट कर कौन और क्यों ले जा रहा था?

हम अपनी भूमिका को बखूबी समझते हैं

याद रखिये, अवैध खनन का संबंध सीधे-सीधे अवैध कमाई से होता है। इस काले कारोबार में कई बार पुलिसकर्मियों की संलिप्तता सामने आ चुकी है। खनन विभाग के प्रधान सचिव का पत्र चीख-चीख कर इसकी गवाही दे रहा है। न्यूज4नेशन ने एक मजमून के तौर पर कमाई का जिक्र किया है जिसका आधार मीडिया में पहले से ही मौजूद कई वीडियो है। सवाल इसका है कि अगर हम खबर के प्रति संदवेदनशील हैं तो आप उल्टा हमें दबाने की कोशिश में लगे हैं। अगर पुलिस अफसरों की यही संवेदनशीलता अवैध धंधों में लगे माफियाओं को लेकर हो तो ज्यादा कारगर होगा। खबर को खबर के नजरिये से देखने की कोशिश कीजिए,मीडिया को अपना काम करने दीजिए ताकि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी व लोकतंत्र में चौथे स्तंभ की भूमिका की पवित्रता बनी रहे। हम अपनी भूमिका को बखूबी समझते हैं .

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