डालमियानगर उद्योग बंद होने के साथ ही बंद हुआ अस्पताल, लोगों की बढ़ी परेशानी

डालमियानगर उद्योग बंद होने के साथ ही बंद हुआ अस्पताल, लोगों की बढ़ी परेशानी

SASARAM : रोहतास जिले में डालमियानगर उद्योग बंद होने के साथ ही यहाँ चल रहे अस्पताल में भी ताले लटक गए हैं. इसके बाद  डालमियानगर क्षेत्र के हजारों लोगों को सामान्य रोग के इलाज के लिए भी दर-दर भटकना पड़ रहा है. बताते चलें की आज से 25 साल पहले 1984 में रोहतास उद्योग समूह के डालमियानगर उद्योग को बंद कर दिया गया था. लोगों को लगा कि डालमियानगर का उद्योग समूह स्थानीय राजनीति और मजदूर यूनियनों की हड़ताल के कारण बंद हो गया है. लेकिन यहां का अस्पताल चालू रहेगा. हालाँकि ऐसा नहीं हो सका. 

आज सात एकड़ में फैला यह अस्पताल खंडहर बन कर रह गया है. कभी इस अस्पताल में 200 बेड हुआ करता था. दर्जनों डॉक्टरों यहाँ अपनी सेवाएं देते थे. इसके विपरीत आज यह भूत बंगला हैं. कल तक डालमियानगर इलाके के लगभग 50 से 60 हज़ार की आबादी अपने सामान्य से लेकर गंभीर रोगों के लिए इसी अस्पताल पर निर्भर हुआ करती थी. लेकिन अब उन्हें निजी क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ता है. डालमियानगर उद्योग समूह के बंद होने के बाद लोगों को लगा था कि यह अस्पताल सरकार चालू रखेगी. 

क्योंकि इससे हजारों मरीजों का इलाज होगा. लेकिन ऐसा भी नहीं हो सका. उद्योग के बंद होने के साथ-साथ यहां संचालित अस्पताल को भी बंद कर दिया गया. पिछले 25 सालों से लोग इस अस्पताल के चालू होने का इंतजार कर रहे हैं. वृहत भवन और लंबा-चौड़ा परिसर के अलावे इस अस्पताल में अभी भी बहुत सारे उपस्कर हैं. 

लेकिन आज इसकी कोई देख-देख करने वाला नहीं है. आलम यह है कि परिसर अब चारागाह में तब्दील हो गया है. साथ ही नशेड़ी किस्म के लोगों ने यहाँ अपना शरण बना लिया हैं. स्थानीय लोगों की माने तो कई बार इस अस्पताल को शुरू कराने  के लिए अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से निवेदन किया गया. लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई.

सासाराम से राजू की रिपोर्ट 

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