अंतरजातीय विवाह करने पर पति के परिवारवालों ने घर से निकाला, महिला थाने से भी नहीं मिली मदद, अब भटकने को मजबूर है महिला

अंतरजातीय विवाह करने पर पति के परिवारवालों ने घर से निकाला, महिला थाने से भी नहीं मिली मदद, अब भटकने को मजबूर है महिला

SAMASTIPUR : जिले का एकमात्र महिला थाना वहां भी  महिलाओं को न्याय नहीं मिलता है।  यूं तो बिहार में महिलाओं के लिए सभी जिला महिला थाना का निर्माण शुरू किया गया वह इसलिए कि आम थानों में महिलाओं का दर्द सही से नहीं सुना जा रही  तो पिड़िताएं अपनी परेशानी महिला थाना में कर सके। इसके लिए महिला पुलिस पदाधिकारी महिला सिपाही को नियुक्त किया गया। ताकि अपनी परेशानी बताने में किसी प्रकार की झिझक न हो। लेकिन तब क्या करें जब महिला थाने में ही पीड़िताओं की बात नहीं सुनी जाए और उन्हें थाने से गाली गलौज कर भगा दिया जाए।

समस्तीपुर के महिला थाने से ऐसा ही एक मामला सामने आया हैं, जहां शिकायत लेकर पहुंची महिला के साथ ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिकर्मियों न सिर्फ गाली गलौज की, बल्कि उसे थाने से बाहर भगा दिया। मामले में बताया गया कि अंतरजातीय विवाह करने वाली हसीना खातून नाम की महिला थाने पहुंची थी। पीड़िता ने बताया कि उनका विवाह अंतरजातीय हुआ था। उसने बताया कि विद्यापति नगर के राजेश ठाकुर के पुत्र विमल ठाकुर के साथ कोर्ट मैरेज किया था। फिलहाल उसके पति रांची में काम करते हैं। महिला का आरोप था कि पति के गैरमौजूदगी में ससुराल के लोगों ने  जान से मारने की कोशिश की है। किसी तरह वह जान बचाकर पुलिस के पास मदद के लिए पहुंची है।

पुलिस थाने से नहीं मिली मदद

पति के परिवारवालों के खिलाफ महिला सबसे पहले विद्यापति नगर थाने पहुंची। लेकिन वहां पुलिस ने इसे महिला प्रताड़ना का मामला कहकर पीड़िता को महिला थाना में भेज दिया। यहां भी महिला की सहायता करने की जगह उसके साथ गाली गलौज की गई और थाने से भगा दिया। दोनों जगहों से निराश होकर वह पुलिस अधीक्षक कार्यालय इंसाफ के लिए पहुंची, लेकिन यहां एसपी से मुलाकात नहीं हो सकी, जिसके कारण वह दर-दर की ठोकरें खा रही है बरहाल महिला महिला थाने का यह कोई पहला मामला नहीं है जिसे वह कार्रवाई करने के बजाए भगाने का मामला सामने आया है।


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