एयर स्ट्राइक के लिए भारतीय वायुसेना ने चुना मिराज-2000, जानिए क्या है इसके पीछे वजह

एयर स्ट्राइक के लिए भारतीय वायुसेना ने चुना मिराज-2000, जानिए क्या है इसके पीछे वजह

NEWS4NATION DESK : भारतीय वायुसेना ने आज सुबह पाक अधिकृत कश्मीर में जैश के ठिकानों पर बमबारी कर कई आतंकी कैंप को ध्वस्त कर दिया। एयर फोर्स ने 12 मिराज-2000 विमानों से जैश के कैंप पर 1000 किलोग्राम के बम गिराए। सेना इस पूरे मिशन को महज 21 मिनट के अंदर अंजाम देकर सुरक्षित रुप से वापस लौट गई।

हमले के लिए वायुसेना ने एक सोची समझी रणनीति के तहत ही मिराज-2000 विमानों को चुना। 

एयर फोर्स द्वारा हमले के लिए मिराज-2000 के चयन की वजह 

मिराज 2000 में हथियारों को ले जाने के लिए नौ हार्डपॉइंट दिए गए हैं। जिसमें पांच प्लेन के नीचे और दो दोनों तरफ के पंखों पर दिया गया है। सिंगल-सीट संस्करण भी दो आंतरिक हैवी फायरिंग करने वाली 30 मिमी बंदूखों से लैस है। हवा से हवा में मार करने वाले हथियारों में MICA मल्टीगेट एयर-टू-एयर इंटरसेप्ट और कॉम्बैट मिसाइलें शामिल है। इसके अलावा भी यह कई प्रकार के हथियार ले जाने में सक्षम है।

मिराज-2000 विमान फ्रांस की कंपनी डसाल्ट एविएशन द्वारा बनाया गया है। यह वही कंपनी है जिसने राफेल को बनाया है जिसे लेकर देश की राजनीति आज भी गर्माई हुई है। मिराज-2000 चौथी जेनरेशन का मल्टीरोल, सिंगल इंजन लड़ाकू विमान है। इसकी पहली उड़ान साल 1970 में आयोजित की गई थी। यह फाइटर प्लेन अभी लगभग नौ देशो में अपनी सेवाएं दे रहा है।

भारतीय वायुसेना की रीढ़ समझे जाने वाले मिराज- 2000 लड़ाकू विमान डीप पेनिट्रेशन स्ट्राइक करने की क्षमता रखते हैं। इसका मतलब यह लड़ाकू विमान अंदर तक घुसकर मार करने में सक्षम है। यह प्लेन किसी भी देश में भीतर तक जाकर राडार की पकड़ में आए बिना टारगेट को ध्वस्त कर सकता है। कुछ ही दिन पहले पोखरण में हुए वायुशक्ति 2019 में मिराज ने अपनी ताकत का लोहा मनवाया था।
 
 

Find Us on Facebook

Trending News