सरकारी आदेश की अवहेलना करती है आईडीबीआई, किसानों के प्रति बैंक का रवैया हैरान करने वाला!

सरकारी आदेश की अवहेलना करती है आईडीबीआई, किसानों के प्रति बैंक का रवैया हैरान करने वाला!

PATNA:  भले ही सरकारें किसानों की भलाई के लिए कई योजनाएं चला रही हों लेकिन बैंक इन योजनाओं को पलीता लगा रहे हैं। किसानों के प्रति बैंकों का रवैया हैरान करने वाला है। ताजा मामला आईडीबीआई के फ्रेजर रोड ब्रांच का सामने आया है। ये बैंक सरकारी आदेश को भी मानने से इनकार कर रही है। मामला यह है कि राज्य सरकार ने गरीब किसानों को समय-समय पर प्रोत्साहन के रूप में कभी सुखाड़ तो कभी बाढ़ तो कभी डीजल अनुदान के रूप में उसकी हैसियत (कृषि योग्य भूमि )के आधार पर प्रोत्साहन राशि देती है।

बताया जा रहा है कि कुछ तकनीकी कारण से यह प्रोत्साहन राशि राज्य के कुछ किसानों के खाते में दोबारा चला गया जिसके वजह से कृषि विभाग ने उन किसानों के खाते में होल्ड लगवा दी। होल्ड लगाने के पीछे सरकार की मंशा ऐ थी कि अतिरिक्त राशि की वापसी हो जाय।बहुतों के खाते से अतिरिक्त राशि की रिकवरी हुई भी और बहुतों से होना भी अभी बाकी है। इस संबंध में कृषि निदेशालय ने 20 मार्च को ही  राज्य के सभी बैंकों को पत्र लिखकर उन्हें यह स्पष्ट निर्देश भी दिया है कि वे खाताधारियों के खाता से अतिरिक्त हुए भुगतान राशि को काटकर उन्हें मुक्त कर दें लेकिन, बैंककर्मी अपने स्तर से तो दूर खाताधारी के लाख मिन्नत के बाद भी अतिरिक्त पैसे की निकासी नहीं कर रहे हैं। जिसके कारण कई किसान अपने बैंक खाते का उपयोग नहीं कर पा रहे है और बैंकों के चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे हैं। 

एक खाताधारी धर्मेन्द्र प्रताप जिनका खाता नम्बर 0140104000145893 है ने बताया कि वे पिछले कई माह से फ्रेजर रोड स्थित आईडीबीआई बैंक की दौड़ लगा रहे हैं कि उनके खाते से अतिरिक्त आए हुए राशि की भुगतान कर ली जाय और उनके खाते को फ्री कर दिया जाए पर उन्हें इधर -उधर की बात बताकर टहला दिया जाता है। उन्होंने बताया कि पहले इस काम को बैंक की आयशा देख रही थी अब उसी काम को अन्य शाखा में स्थान्तरित कर दिया गया है जहां प्रज्ञा नाम की महिला देख रही है। 

धर्मेंद्र प्रताप ने बताया कि उनके बैंक खाता होल्ड होने से वे अपना पैसा भी नहीं निकाल पा रहे हैं जिससे उनको आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। आईडीबीआई का रवैया किसानों के प्रति हैरान करने वाला है। धर्मेंद्र प्रताप अकेले नहीं हैं कई राज्यभर में कई ऐसे किसान हैं जिन्हें इन परिस्थितियों से दो चार होना पड़ रहा है। वैसी स्थिति में जहां किसानों की परेशानी बढ़ गई है वहीं इन बैंकों के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़ा हो गया है। इस संबंध में आईडीबीआई के ब्रांच मैनेजर से बात करने की कोशिश की गई लेकिन वे बैंक में उपस्थित नहीं थे।

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