कहीं हॉर्स ट्रेडिंग का गेम ना बन जाए अविश्वास प्रस्ताव, क्रॉस वोटिंग हुआ तो वर्तमान उप मेयर को गंवानी पड़ सकती है अपनी कुर्सी

कहीं हॉर्स ट्रेडिंग का गेम ना बन जाए अविश्वास प्रस्ताव, क्रॉस वोटिंग हुआ तो वर्तमान उप मेयर को गंवानी पड़ सकती है अपनी कुर्सी

मोटी कमाई के लिए कई पार्षद उप मेयर के खिलाफ कर सकते हैं बड़ी साजिश

CHHAPRA : आज छपरा नगर निगम उप मेयर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बहस और वोटिंग की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसे लेकर पूरे नगर निगम क्षेत्र में माहौल गर्म है। सभी लोग यह जानने के प्रयास में हैं की वर्तमान उप मेयर की सीट बचेगी या हाथ  से फिसल जाएगी। सभी जगह इसी बात को लेकर चर्चा है इतना ही यह अविश्वास प्रस्ताव हॉर्स ट्रेडिंग का गेम ना बन जाए। कारण साफ है नगर निकाय चुनाव में मात्र 6 से 8 महीने ही बचे हैं ऐसे में वर्तमान उप में अपना पद बचाना चाहेंगे। वहीं दावेदार उप मेयर से पद छीनना चाहेंगे। दोनों तरफ से तैयारी पुरजोर है इस बैठक को लेकर नगर निगम और जिला प्रशासन ने मुकम्मल तैयारी की है कलेक्ट्रेट सभागार में होने वाले इस बैठक के लिए काफी संख्या में पुलिस पदाधिकारियों और मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है।

ऐसे अपनाई जा सकती है प्रक्रिया

नगर निगम के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव को लेकर जो प्रक्रिया अपनाई जाती है उसमें सबसे पहले मेयर की अध्यक्षता में बहुत  होगी। इसमें दोनों तरफ के पार्षद अपने-अपने दावेदारों के पक्ष में अपनी अपनी बात रखेंगे। नगर निगम में कुल 45 पार्षद है इनमें एक पार्षद ने इस्तीफा दे दिया है ऐसे में अभी पार्षदों की संख्या 44 है नगर निगम की मेयर अध्यक्षता करेंगी ऐसे में 43 पार्षद मैदान में होंगे जो सत्ता पक्ष और विपक्ष का फैसला करेंगे। बहस के बाद सभी 43 पार्षद अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में और विपक्ष में वोटिंग करेंगे यह पूरी तरह से गुप्त होगा। वोटिंग के बाद काउंटिंग होगी जिससे तय होगा कि जिनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है वह बने रहेंगे या फिर  हटेंगे।


बराबर बराबर वोट मिले तो क्या होगा

वोटिंग के दौरान यह भी मसला सामने आ सकता है कि यदि दोनों पक्षों को बराबर बराबर वोट मिले तब क्या होगा? ऐसी स्थिति में अध्यक्षता कर रही मेयर की भूमिका किंग मेकर की हो जाएगी वह अपना वोट जिसके पक्ष में करेंगे वो विजयी होगा। यानी इस समय वर्तमान उप मेयर को बचाने की मुख्य भूमिका में मेयर ही होंगी। यदि क्रॉस वोटिंग काफी संख्या में हुआ तब तो सारा माजरा ही बदल जाएगा।

आखिर में क्यों करेंगे क्रॉस वोटिंग

प्रभात खबर को जो सूचना मिल रही है उसके अनुसार अधिकतर पार्षद एक बड़ा गेम कर सकते हैं जिसमें आर्थिक तौर पर उन्हें काफी फायदा हो अब यह गेम मुख्य रूप से क्रॉस वोटिंग के रूप में होगा किसी तरह उप मेयर पदच्युत हो जाएं और फिर नए सिरे से चुनाव हो ऐसे में पार्षदों का वैल्यू काफी बढ़ जाएगा और हॉर्स ट्रेडिंग का दौर हाई लेवल पर होगा। कई पार्षदों ने तो यहां तक बताया कि यदि पदच्युत नहीं करेंगे तो फिर उनकी वैल्यू कैसे बढ़ेगी, दोनों पक्षों को पता भी तो चलना चाहिए पार्षदों का ताकत क्या होता है। वैसे अभी तक जो जानकारी हाथ लगी है उसमें तीन से चार पार्षद क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं।

सुरक्षा के किए गए पुख्ता प्रबंध

अविश्वास प्रस्ताव में किसी तरह का हंगामा या बवाल ना हो इसे लेकर प्रशासन ने मुकम्मल तैयारी की है। सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। काफी संख्या में पुलिस पदाधिकारियों और मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। नगर निगम के आयुक्त ने डीएम और एसपी को पत्र लिखकर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने के लिए आग्रह किया था उनके आग्रह पर दोनों अधिकारियों ने मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती कर दी है। बिना जांच पड़ताल वह परिचय पत्र के किसी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

क्या कहते हैं निगमायुक्त

कुछ ही घंटे शेष रह गए हैं अविश्वास प्रस्ताव के बैठक, बहस और वोटिंग में। नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर से मुकम्मल तैयारी है।

संजय कुमार उपाध्याय, निगम आयुक्त ,नगर निगम, छपरा

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