नियोजित शिक्षकों के पक्ष में आता सुप्रीम फैसला तो कितना होता उनका वेतन

नियोजित शिक्षकों के पक्ष में आता सुप्रीम फैसला तो कितना होता उनका वेतन

NEW4NATION DESK: शुक्रवार को बिहार के 3.50 लाख नियोजित शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका दे दिया. अपने दिए गए फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाई कोर्ट के फैसले को पलट दिया है. कहा जा सकता है की 10 वर्षों से चल रहे इस मामले से नियोजित शिक्षकों को निराशा हाथ लगी है. दूसरी ओर बिहार सरकार को राहत मिली है.  

याचिका कब और कैसे 

2009 में बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ ने बिहार में नियोजित शिक्षकों के लिए समान काम समान वेतन की मांग पर एक याचिका पटना हाइकोर्ट में दाखिल की थी. आठ साल तक चली लंबी सुनवाई के बाद पटना हाइकोर्ट ने साल 2017 में फैसला  संघ के पक्ष में दिया था. पटना हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट अपील किया. शिक्षकों की तरफ से कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी जैसे नामी गिरामी वकीलों ने पैरवी की. इसके बावजूद भी शिक्षकों को निराशा हाथ लगी. मामले पर अंतिम सुनवाई अक्टूबर 2018 में हुई थी. करीब सात महीने बाद सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया है, जिससे नियोजित शिक्षकों को निराशा हाथ लगी है. 

कितना होता वेतन 

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से प्राथमिक कक्षा से लेकर प्लस टू तक के शिक्षक प्रभावित हुए हैं. फिलहाल नियोजित शिक्षकों को 20 से लेकर 25 हज़ार रुपये मिलते है. सुप्रीम कोर्ट का फैसला उनके पक्ष में आता तो उनका वेतन बढ़कर 35 से 40 हज़ार तक हो सकता था. इस तरह उनके वेतन में तक़रीबन दोगुना बढ़ोतरी हो सकती थी.  

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