युवा उम्र में ही मोटापे से जूझ रहे हैं तो भविष्य में हो सकता है डिमेंशिया

युवा उम्र में ही मोटापे से जूझ रहे हैं तो भविष्य में हो सकता है डिमेंशिया

डेस्क:-अगर 20 से 30 साल की उम्र  से ही आप ओवरवेट हैं तो भविष्य में आपकी याद्दाश्त घट सकती है, सोचने-समझने की क्षमता पर बुरा असर पड़ सकता है. यह दावा कई शोधकर्ताओं ने कई युवाओं पर रिसर्च के बाद किया है. शोधकर्ताओं का कहना है, मोटापे से जूझने वाले युवाओं में हार्ट डिजीज का खतरा तो बना ही रहता है साथ ही साथ आगे   दिमाग भी सुस्त पड़ जाता है.

ऐसा क्यों होता है, इसकी वजह भी जानिए

रिसर्च करने वाले शोधकर्ताओं का मानना है, ऐसे युवा जो मोटापे से जूझते हैं उनका बॉडी मास इंडेक्स

और ब्लड प्रेशर कम उम्र में बढ़ा हुआ रहता है. शरीर में चर्बी और ब्लड प्रेशर के कारण दिमाग पर दो गुना तक बुरा असर पड़ सकता है. इतना नहीं, इनका ब्लड ग्लूकोज लेवल 5 गुना तक बढ़ सकता है.

युवावस्था में ही मोटापे को कंट्रोल करना जरूरी

कई न्यूरोलॉजिस्ट यह दावा करते हैं, युवावस्था में जो लोग मोटापा कंट्रोल में रखते हैं तो भविष्य में दिमाग पर पड़ने वाले बुरे असर को रोका जा सकता है. इसके लिए बेहतर है, बॉडी मास इंडेक्स, ब्लड ग्लूकोज लेवल, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करें.

डॉक्टरों के मुताबिक, किसी भी उम्र में कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ना सोचने-समझने की क्षमता पर असर डालता है।

युवाओं में डायबिटीज और मोटापे के मामले बढ़ रहे

डॉक्टर कहते हैं, इन दिनों युवाओं में डायबिटीज, हार्ट डिसीज और मोटापे के मामले बढ़ रहे हैं .इस उम्र में इस पर ध्यान न देने पर ये कई दूसरी समस्याओं को बढ़ाने का काम करते हैं. इसलिए फिट रहकर कई दिक्कतों से बचा जा सकता है.फ़िलहाल युवाओं से अपील है की वे पढाई के साथ –साथ स्वास्थ्य पर भी ध्यान दे ताकि उनके पास स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन का भी वास हो.

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