10 लाख नौकरियों का क्या हुआ? बिहार में नौकरी मांगने पर पड़ेगी लाठियां, बहाली की मांग की तो शिक्षक अभ्यर्थी को पटना ADM ने किया लहूलुहान

10 लाख नौकरियों का क्या हुआ? बिहार में नौकरी मांगने पर पड़ेगी लाठियां, बहाली की मांग की तो शिक्षक अभ्यर्थी को पटना ADM ने किया लहूलुहान

पटना. बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव बिहार में सरकारी नौकरी की बयार बहाने का दावा कर रहे हैं। लेकिन उनका ये दावा सोमवार को पटना की सड़कों पर हाफता हुआ नजर आया। सरकार के वादे के अनुसार सातवें चरण की शिक्षक बहाली की मांग को लेकर शिक्षक अभ्यर्थी पटना की सड़कों पर उतरे, लेकिन उन्हें कोई आश्वासन देने के बजाया लहूलुहान कर दिया। पटना के एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) ने एक शिक्षक अभ्यर्थी को क्रूरतापूर्वक लाठी से पिटाई कर दी।

दरअसल बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने चुनाव के दौरान 10 लाख नौकरी का वादा किया था। लेकिन चुनाव में उनकी सरकार नहीं बनी। बिहार में एनडीए की सरकार बनी, तब से तेजस्वी यादव एनडीए की सरकार को नौकरी के मुद्दे पर लगातार घरते रहते थे। लेकिन इस बीच नीतीश कुमार ने भाजपा के गठबंधन तोड़कर राजद नेतृत्व वाले महागठबंधन में शामिल हो गये। बिहार एक बार फिर महागठबंधन की सरकार बन गयी। इसमें नीतीश कुमार मुख्यामंत्री और तेजस्वी यादव डिप्टी सीएम बने। इसके बाद तेजस्वी को उनके पुराने वादे को याद करवाया जाने लाग। इन सभी के बीच बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवास पर ऐतिहासिक गांधी मैदान से 10 लाख नौकरी के अलाव 10 लाख और रोजगार देने का ऐलान कर दिया। सरकार के अन्य मंत्री भी लगातार देवे करने लेगे कि बिहार में सरकार नौकरी की बयार कुछ दिनों में बहने लगेगी। 

सरकार के इसी घोषणा को याद दिलवाने के लिए सोमवार को शिक्षक अभ्यर्थियों ने पटना की सड़कों पर उतरे। ये अभ्यर्थी पिछले कई महीने से नौकरी पाने के लिए प्रदर्शन के लिए मजबूर है। पिछली सरकार सिर्फ भरोसा ही देती रह गयी, लेकिन बहाली नहीं हो सकी। नयी सरकार बनने के बाद इन अभ्यर्थियों को आस जगी कि खली पदों पर नियुक्ति के लिए प्रक्रियां जल्द शुरू हो जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं होता देख सोमवार को ये लोग पटना की सड़कों पर उतरे। यहां इन्हें नौकरी तो नहीं मिली, लेकिन उसकी जगह लाठियां अवश्य मिली।  पटना एडीएम ने अभ्यर्थी पर बर्बरता पूर्वक लाठियां बरसाई। अभ्यर्थी हाथ में तिरंगा लिए सड़क पर लेटा हुआ था और एडीएम सिर से पैर तक लाठियां बरसा रहे थे। लहूलुहान होने के बाद भी क्रूर अधिकारी थम नहीं रहे थे। इससे सरकार की किरकिरी होने लगी है।

ये हैं इनकी मांगें

  • सातवी चरण के प्राथमिक विज्ञप्ति अगस्त में जारी हो।
  • सातवीं चरण की प्राथमिक बहाली ऑनलाईन, डोमिसाईल तथा सम्पूर्ण सेन्ट्रलाईज तरीके से हो। सातवीं चरण के शिक्षक बहाली निर्धारित समय सीमा के अंदर पूर्ण की जाए।
  • छठे चरण के शेष बचे सीटों को विखंडित करते हुए सातवें चरण मे जोड़ा जाए।
  • महिला के अनुपलब्धता में उसी कोटि के पुरुषों को बहाल किया जाय।
  • सातवीं चरण के प्राथमिक शिक्षक बहाली में निर्धारित आयु सीमा में पर्याप्त छूट दी जाए।
  • सातवीं चरण के प्राथमिक बहाली में एक बहाली एक फार्म की बाध्यता हो तथा चयन सूची
  • सचिवालय के माध्यम से बनाया जाए।  


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