शनि के प्रकोप से बचना है तो यहाँ आईये, हर दुःख से मिल जाएगी मुक्ति

शनि के प्रकोप से बचना है तो यहाँ आईये, हर दुःख से मिल जाएगी मुक्ति

BARH: हर साल तीन जून को भगवान शनि देव के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है. बाढ़ के कचहरी घाट पर बनाये गए शनि देव के बाल रूप मंदिर शनिधाम में आज लोगों की भारी भीड़ जुटती है. मंदिर के मुख्य पुजारी नागा शिव मुनि जी महाराज ने कहा कि भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में बाल शनि मंदिर कहीं नहीं है. बाढ़ का बाल शनिधाम इकलौता शनि  का बाल रूप वाला मंदिर है. यहाँ पर शनि के जितनी भी रूप और उससे जुड़ी गाथाएं हैं सभी का मंदिर में संग्रह देखने को मिलता है. 

आज से 12 साल पहले इस भव्य मंदिर की स्थापना की गई थी. आज शनि देव के जन्म दिवस के मौके पर इस मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया. शिव मुनि जी महाराज का मानना है कि बाल रूप बड़ा ही दयालु होता है. वे   लोगों की मन्नतें जल्द ही मान लेते हैं. यहां अपनी फरियाद लेकर आने वाला कोई भी ऐसा नहीं है जिसकी मुराद पूरी नहीं हुई. शनिदेव का प्रकोप से झेल रहे लोगों को यहां पूजा-अर्चना करने से तुरंत राहत मिलती है और उसके दुखों का अंत हो जाता है.

शिव मुनि जी महाराज ने बताया कि आज संध्या में यहाँ विशेष पूजा का आयोजन किया गया है. जिसमें दूरदराज के कई दर्जन साधू विशेष पूजा में शामिल होने के लिए अतिथि के रूप में आकर ठहरे हुए हैं. इनलोगों का मंदिर के तरफ से सम्मान किया जाता है. पूजा-अर्चना में भी बड़ी संख्या में लोगों की भीड़भाड़ लगती है. संध्या पूजा में लोग तिल के तेल का दीपक जलाकर पूजा अर्चना करते हैं.

पटना ग्रामीण से रवि शंकर शर्मा की रिपोर्ट 

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