बिहार के वरिष्ठ IAS अधिकारी की 2.60 करोड़ की अवैध संपत्ति होगी जब्त, कुर्क संपत्ति की जब्ती को लेकर ED ने दर्ज किया अभियोजन

बिहार के वरिष्ठ IAS अधिकारी की 2.60 करोड़ की अवैध संपत्ति होगी जब्त, कुर्क संपत्ति की जब्ती को लेकर ED ने दर्ज किया अभियोजन

PATNA: बिहार के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हाल तक बिहार के गृह सचिव रहे के.सेंथिल कुमार के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने फिर से शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ईडी की तरफ से जानकारी दी गई है कि पटना नगर निगम के तत्कालीन कमिश्नर के. सेंथिल कुमार व अन्य की चल-अचल संपत्ति जब्त करने को लेकर अभियोजन शिकायत दर्ज की है। यानी जब्ती को लेकर केस किया गया है। 

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कुर्क की गई चल और अचल संपत्तियों की जब्ती के लिए अभियोजन शिकायत दर्ज की है। 2.60 करोड़ की सपंत्ति जब्ति को लेकर ईडी ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इस केस में आरोपी व्यक्तियों में आईएएस अधिकारी  के. सेंथिल कुमार, बैद्यनाथ दास, के. अय्यप्पन और बिमल कुमार हैं, जो मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में शामिल हैं। इस मामले में निगरानी जांच ब्यूरो, पटना ने पटना नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त के. सेंथिल कुमार, बैद्यनाथ दास, तत्कालीन अतिरिक्त आयुक्त, पटना नगर निगम और अन्य के खिलाफ 8.76 करोड़,रुपये की भारी हानि के लिए आरोप पत्र दायर किया था।  इन अधिकारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी/420/467 के तहत अपराध करने के लिए निगरानी जांच ब्यूरो द्वारा प्राथमिकी दर्ज की गई थी।  इसके तहत, प्रवर्तन निदेशालय ने पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत केस दर्ज कर  जांच शुरू किया । 

पीएमएलए के तहत जांच के दौरान, यह पता चला है कि आईएएस अधिकारी के. सेंथिल कुमार ने मुंगेर के जिलाधिकारी और पटना नगर निगम के आयुक्त के अपने कार्यकाल से ही भ्रष्ट तरीकों से भारी संपत्ति अर्जित की थी। उन्होंने पटना में मेसर्स सुधा सुपर मार्केट और मेसर्स चेन्नई कैफे जैसी फर्मों और तमिलनाडु के इंदिरा मेमोरियल एजुकेशनल ट्रस्ट के पारिवारिक ट्रस्ट के माध्यम से अपनी अवैध संपत्ति का शोधन किया।

फर्म मेसर्स सुधा सुपर मार्केट और पटना में मैसर्स चेन्नई कैफे, उनके छोटे भाई के. अय्यप्पन के स्वामित्व में थे. लेकिन वास्तव में के. सेंथिल कुमार द्वारा ही संचालित थे। ईडी को एक ठेकेदार बिमल कुमार द्वारा फर्मों को किए गए भारी भुगतान के सबूत मिले हैं।  बिमल कुमार आईएएस अधिकारी के. सेंथिल कुमार से अच्छी तरह परिचित थे .वह अपने अवैध पैसे को बिमल कुमार के पास पार्क करते थे . इसके बदले बिमल कुमार को ठेका देकर सम्मानित किया गया था। 

के. सेंथिल कुमार ने अपनी अवैध संपत्ति को सफेद करने के लिए परिवार के सदस्यों के नाम पर एक ट्रस्ट बनाया। इनके परिवार के सदस्यों ने भी के. सेंथिल कुमार द्वारा अपराध से अर्जित आय को छिपाने के लिए अपने आईटीआर में हेरफेर किया है। ईडी ने कहा कि इस मामले में आगे की जांच जारी है

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