नवंबर में बिहार के दो हजार भूमिहीनों को मिलेगी 3 से 5 डिसमिल जमीन, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री का बड़ा ऐलान

नवंबर में बिहार के दो हजार भूमिहीनों को मिलेगी 3 से 5 डिसमिल जमीन, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री का बड़ा ऐलान

पटना. राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री आलोक कुमार मेहता ने बिहार के सभी 38 जिलों से आए अपर समाहर्ताओं के साथ राज्य स्तरीय बैठक की। बैठक में सभी अपर समाहर्ताओं से नवंबर माह तक अपने-अपने जिलों में भूमिहीनों का सर्वे पूरा कर लेने का लक्ष्य दिया गया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि महागठबंधन सरकार की पहली प्राथमिकता गरीब और समाज के कमजोर लोग हैं। इसलिए सरकार बनते ही हमारी सरकार ने बिहार के सभी भूमिहिनों का सर्वे कराने का आदेश दिया है और नवंबर माह में कम से कम 2000 भूमिहीनों को 3 से 5 डिसमिल भूमि वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है।

मंत्री आलोक ने जिला वार समीक्षा में म्यूटेशन के लंबित मामलों पर चिंता जताई और सभी अपर समाहर्ता को अगले माह के अंत तक दाखिल खारिज के सभी बकाया मामलों का निपटारा कर लेने का निर्देश दिया। मंत्री ने कहा कि सभी दस्तावेज सही होने के बावजूद बड़ी संख्या में म्यूटेशन के मामलों को अस्वीकृत कर दिया जाता है, जो चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि अपर समाहर्ता इस बात को देखें कि म्यूटेशन में शामिल कर्मचारी, राजस्व अधिकारी, अंचल अधिकारी निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना काम पूरा करें।

बैठक में कई अंचलों में अंचल अधिकारियों के पद महीनों से रिक्त रहने की बात उठी। इस पर मंत्री ने बताया कि वहां कार्यरत राजस्व अधिकारी को ही अंचल अधिकारी की प्रतिनियुक्ति तक प्रभारी अंचल अधिकारी का प्रभार दे दिया जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने बताया कि कर्मचारियों की कमी की वजह से म्यूटेशन में देरी की समस्या थी, लेकिन बड़ी संख्या में कर्मचारी जिलों को उपलब्ध कराए गये हैं। ऐसे में दाखिल खारिज के ससमय निपटारे में तेजी आएगी।

मंत्री द्वारा इस बैठक में सभी जिलों में दाखिल खारिज मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। वित्तीय वर्ष 22-23 में 82.26 फीसदी निष्पादन दर के साथ बांका जिला ने पूरे बिहार में सर्वप्रथम स्थान हासिल किया है। वहां के अपर समाहर्ता माधव कुमार सिंह इस माह के अपर समाहर्ताओं की रैंकिंग में भी पहला स्थान हासिल किया है। मंत्री द्वारा उन्हें बधाई दी गई और सभी जिलों को और अच्छा करने की सलाह दी गई है। बिहार में जमाबंदियों के डिजिटाइजेशन का काम पूरा हो चुका है। उसी के आधार पर ऑनलाइन म्यूटेशन का काम किया भी जा रहा है। लेकिन उसमें बड़ी संख्या में गड़बड़ी की शिकायत मिलती रहती है। इसलिए राजस्व मंत्री द्वारा जमाबंदी पंजी को देखकर ऑनलाइन इंट्री में सुधार का काम भी मिशन मोड करने का निर्देश दिया गया है। इस काम को भी दिसंबर माह तक पूरा कर लेने का निर्देश दिया गया है।

भू अभिलेख और परिमाप निदेशक जय सिंह ने सभी अपर समाहर्ताओं को जो अपने जिलों के प्रभारी पदाधिकारी, बंदोबस्त भी हैं, उन्हें सर्वे के काम की लगातार समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रभारी पदाधिकारी को सर्वे के दो फीसदी काम को चेक करना है और निर्धारित फार्मेट में रिपोर्ट भेजनी है जो नहीं आ रही है। निदेशक सर्वे ने दो माह से अधिक समय से लंबित किस्तवार और खानापुरी वाले मौजों की अलग से समीक्षा करने का निर्देश अपर समाहर्ताओं को दिया है।

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