बिजली लॉस के मामले मे दक्षिण बिहार निकला काफी आगे, अगले साल 15 फीसदी विद्युत क्षति का अनुमान

बिजली लॉस के मामले मे दक्षिण बिहार निकला काफी आगे, अगले साल 15 फीसदी विद्युत क्षति का अनुमान

PATNA : बिहार के दक्षिण बिहार मे बिजली की क्षति अधिक होती है। जबकि दक्षिण बिहार के मुकाबले उत्तर बिहार में बिजली क्षति कम होती है। बिहार बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने आज 2019-20 के लिए टैरिफ आदेश जारी किए हैं। आयोग के अध्यक्ष एसके नेगी ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीव्यूशन कंपनी का बिजली क्षति करीब 25 फीसदी रहा। जबकि साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को लगभग 37 फीसदी क्षति उठानी पड़ती है। जो कि काफी अधिक है।

2019-20 मे 15 फीसदी बिजली क्षति का अनुमान

आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि वर्ष 2019-20 में बिहार की दोनों विद्युत कंपनियों की बिजली क्षति का लक्ष्य 15 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है। आयोग ने अपने टैरिफ आदेश मे  कहा है कि इससे अधिक क्षति होनें की स्थिति में उसकी राशि उपभोक्ताओं पर नहीं थोपी जाए।

आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में 1,57,72643 विद्युत उपभोक्ता हैं जबकि 2019-20 में अनुमानित उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 1,71,51,438 रहने का अनुमान है। 

आयोग ने 2017-18 के लिए 11,794.92 करोड़ रू सकल राजस्व की आवश्यकता एवं 49.40 करोड़ रू सरप्लस राजस्व को अनुमोदित किया है।

आयोग ने बताया कि बिजली कंपनियों का औसत उर्जा क्रय मूल्य 4.09 प्रति KWH है। जबकि आपूर्ति में कंपनियों को 6.84 प्रति KWH है।

आवासीय उपभोक्ताओं के लिए नया DS-3 श्रेणी को DS-2 के लिए अनुमान्य शर्तों के साथ लागू करने की स्वीकृति दे दी गई है। आयोग का यह निर्णय ग्रुप में रहने वाले शहरी उपभोक्ताओं से जुड़ा है।

विद्युत चालित वाहन को जिस श्रेणी के उपभोक्ता उपयोग करेंगे उन्हें उसी श्रेणी के टैरिफ पर चार्ज करने की स्वीकृति दी गयी है।

ऑन लाईन बिजली बिल जमा करने पर 1 फीसदी छूट को बढाकर 1.5 फीसदी करने के बिजली कंपनियों के प्रस्ताव को आयोग ने अस्वीकार कर दिया है।

विवेकानंद की रिपोर्ट

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