रिटायर शिक्षक के घर में दंपती चला रहे थे जिस्मफरोशी का धंधा, नौकरी देने का झांसा देकर दूसरे राज्य से बुलाई जाती थी लड़कियां

रिटायर शिक्षक के घर में दंपती चला रहे थे जिस्मफरोशी का धंधा, नौकरी देने का झांसा देकर दूसरे राज्य से बुलाई जाती थी लड़कियां

PATNA : पटना पुलिस ने  के दीघा इलाके में चल रहे एक सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। यहां एक रिटायर्ड शिक्षक के घर सेक्स रैकेट चल रहा था। दीघा थाने की पुलिस ने राजीवनगर रोड नंबर 23 अमरूदी बगीचा स्थित रिटायर्ड शिक्षक मुक्तेश्वर मिश्रा के मकान में छापेमारी कर इस धंधे का भंडाफोड़ कर दिया। सेक्स रैकेट सरगना ने मुक्तेश्वर के मकान के निचले तल्ले को किराये पर लिया था। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बंगाल से लाई गई दो लड़कियों को भी रेस्क्यू किया है। इन्हें नौकरी देने का झांसा देकर यहां लाया गया था।

पुलिस ने बताया सेक्स रैकेट का यह गोरख धंधा पिछले कई दिनों से चल रहा था।  मगर, किसी तरह इसकी जानकारी दीघा थाना की पुलिस को हुई।  मूल रूप से अरवल जिले के किंजर के रहने वाले दलाल विश्वजीत कुमार (23) को मौके से गिरफ्तार किया गया। इस गिरोह का सरगना मुजफ्फरपुर जिले के नयाटोला मोतीझील का निवासी मधुकर सहाय और उसकी तथाकथित पत्नी रूपा है। फिलहाल, यह दोनों फरार हैं। दीघा थानेदार राजकुमार पांडेय ने बताया कि कमरे से पुलिस ने आपत्तिजनक सामान बरामद किये हैं।

पहले रेकी की, फिर की कार्रवाई

 सेक्स रैकेट का यह गोरख धंधा पिछले कई दिनों से चल रहा था। मगर, किसी तरह इसकी जानकारी दीघा थाना की पुलिस को हुई। थानेदार राजकुमार पांडेय ने अपने एक अफसर को कस्टमर बनाकर धंधेबाजों के ठिकाने की रेकी कराई। जिसके बाद पुलिस को मिला इनपुट सही मिला। फिर दीघा थाना की पुलिस ने आजाद नगर के अमरूद्धी बागीचा स्थित नवोदय विद्यालय के रिटायर्ड वाइस प्रिसिंपल मुक्तेश्वर मिश्रा के मकान में छापेमारी की। 

खुद को बताया एयरटेल का कर्मी

पुलिस की जांच में यह पता चला कि मधुकर ने झूठ बोलकर किराए पर कमरा लाया था। मकान मालिक को उसने खुद को एयरटेल का स्टाफ बताया था।  इसके बाद उसकी गतिवविधि संदिग्ध प्रतीत होने लगी। मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली रूपा को उसने अपना पत्नी बताया था। जान-बूझकर सेक्स रैकेट सरगना ने अच्छी जगह पर किराये का कमरा लिया ताकि को शक न हो।


तीन दिनों पहले ही लायी गयी थी दोनों युवतियां

मौके से पुलिस ने जिन दो लड़कियों का रेस्क्यू किया, उन्होंने बड़ा खुलासा किया है। दोनों लड़कियां पश्चिम बंगाल के कोलकाता की रहने वाली हैं। इन्होंने पुलिस बताया कि तीन दिन पहले नौकरी दिलाने की बात कहकर बिहार लाया गया था। उन्होंने पुलिस को बताया कि रूपा उन्हें लेकर आयी थी। उसने 10 हजार रुपये प्रति माह की नौकरी देने की बात कही थी। उसके झांसे में आकर दोनों युवतियां पश्चिम बंगाल से पटना चली आयीं, जहां उनसे गलत काम करवाने की कोशिश की गयी। लेकिन दोनों ने जिस्मफरोशी के दलदल में जाने से इंकार कर दिया।

हर हफ्ते बदल दी जाती थीं लड़कियां

सेक्स रैकेट सरगना मधुकर हर हफ्ते लड़कियों को बदल दिया करता था। उसके कनेक्शन हाईप्रोफाइल लोगों से भी है। पकड़े गये विश्वजीत ने मधुकर के बारे में कई जानकारियां पुलिस को दी हैं। उसने बताया कि  कस्टमर्स को लाने के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन तरीके से लड़कियों के फोटो पहले कस्टमर्स को दिखाए जाते थे। इसके बाद ही 2-3 हजार या इससे अधिक में डील तय होती थी। कस्टमर्स को दलाल ठिकाने पर लाता था। शराब के साथ ही जिन सामानों को अलग से उपलब्ध कराया जाता था, उसके लिए अलग से रुपए वसूल किए जाते थे।

नौकरी के नाम बंगाल की लड़कियों को दिया झांसा

सेक्स रैकेट के धंधे में जरूरतमंद युवतियों को लगाया जाता है। उन्हें काम देने के बहाने पटना के ग्रामीण इलाकों के साथ ही कोलकाता से लाया जाता है। रहने की जगह उन्हें उपलब्ध कराई जाती है। पुलिस फरार पति-पत्नी की तलाश कर रही है और उनके कनेक्शन को खंगाल रही है।


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