मोतिहारी में बड़ा खेलः सरकारी राशि की निकासी कर मौज कर रहे अधिकारी, आंगनबाड़ी केंद्र भवन बनाने के नाम पर 3 साल पहले लाखों रु लिया एडवांस

मोतिहारी में बड़ा खेलः सरकारी राशि की निकासी कर मौज कर रहे अधिकारी, आंगनबाड़ी केंद्र भवन बनाने के नाम पर 3 साल पहले लाखों रु लिया एडवांस

MOTIHARI:  मोतिहारी में सरकारी योजनाओं में लूट मची हुई है। सुशासन की सरकार में अधिकारियों की बल्ले बल्ले है । मोतिहारी में मनरेगा का प्रखंड स्तरीय एक अधिकारी आंगनबाड़ी भवन निर्माण के नाम पर लाखों रुपया अग्रिम उठाकर मस्त है । रुपया निकासी के तीन वर्ष बाद भी आंगनबाड़ी भवन बनाने के लिए अभी तक नींव तक नही पड़ा । अधिकारी की इतनी उंची पकड़ है कि कुछ भी नहीं हो रहा।

सरकारी राशि की निकासी,पर काम नहीं 

जानकार बताते हैं कि इसके पूर्व भी बगल के प्रखंड में बिना सड़क निर्माण किये व अन्य कार्यो में रुपया उठा लिया गया था। जांच के बाद मामला सामने आने पर सिर्फ जेई पर कार्रवाई कर मामले को दफा-दफा कर दिया गया था। इतना बड़ा घोटाला उजागर होने के बाद भी अधिकारी अपनी उंची पकड़ के कारण मामला को रफ़ा दफा कराने में सफल रहे । कई पंचायतों के कार्यो में बेतिया के एक अपने संबंधी के नाम पर वेंडर का लाइसेंस लेकर उसके नाम पर चेक काटकर सरकारी राशि का बारा न्यौरा किया गया था।। मामला मोतिहारी के हरसिद्धि प्रखंड का है । प्रखंड में सात आंगनबाड़ी केंद्र भवन  बनाने के लिए 2019 -20 में राशि विभाग से मिली थी. सात आंगनबाड़ी केंद्र में तीन का अभी तक नींव भी नही पड़ा ,जबकि दो-दो लाख एडवांस राशि का चेक काटकर राशि उठाव कर लिया। सरकारी पैसे से अधिकारी ऐश कर रहे. आखिर इतनी बड़ी लापरवाही के बाद भी अभी तक विभाग से कार्रवाई नहीं होना बड़ा सवाल खड़ा कर रहा. 

हरसिद्धी के तत्कालीन पीओ ने किया घपला 

तिहारी के हरसिद्धि प्रखंड के तत्कालीन मनरेगा पीओ के द्वारा वर्ष  2019-20 में ही सभी आंगनबाड़ी केंद्र बनाने के लिए राशि का उठाव चेक के माध्यम से किया गया । तीन वर्ष वितने के बाद भी सात में तीन आंगनबाड़ी केंद्र का अभी तक नींव तक नही खोदा गया ।  अन्य चार आंगनबाड़ी केंद्र में दो का कार्य लगभग में पूरा हुआ बताया जा रहा है ।जबकि दो अभी भी अधूरा है । सूत्रों की मानें तो कार्य से अधिक का एमबी बुक कर राशि का उठाव कर लिया गया । नींव नही पड़ने वाले तीन आंगनबाड़ी भवन निर्माण के नाम पर दो दो लाख की राशि अग्रिम चेक के माध्यम से निकासी कर लिया गया है । तत्कालीन प्रखंड मनरेगा पीओ का ट्रांसफर हुए कई महीने बीत गये । वैसे तत्कालीन मनरेगा पीओ अनियमितता को लेकर हमेशा से सुर्खियों में रहे है । पड़ोसी प्रखंड अरेराज के प्रभार में रहने के दौरान कई पंचायतों में बिना सड़क निर्माण,पोखर खुदाई के ही राशि का उठाव कर बंदरबाट कर लिया गया था । डीएम के संज्ञान में आने के बाद डीडीसी से जांच के बाद सड़क निर्माण की राशि वापस कराया गया था । वही जेई को निलंबित किया गया था। सबसे रोचक बात तो यह था कि अभिकर्ता पंचायत सचिव को मालूम भी नही था । वहं उसके नाम पर दर्जनों योजना का कार्य कर भुगतान कर दिया गया था । इसके बाद भी जांच के नाम पर खाना पूर्ति कर मामले को रफ़ा दफा कर दिया गया था।

क्या कहते हैं जिला के अधिकारी 

इस संबंध में हरसिद्धि मनरेगा पीओ से जानकारी के लिए फोन किया गया । लेकिन जनकारी देना उचित नही समझे ।वही मनरेगा डीपीओ अमित उपाध्याय ने बताया कि दो दिन पूर्व ही कार्यपालक अभियंता के साथ हरसिद्धि प्रखंड में वर्ष 2019-20 में बने आंगनबाड़ी भवन का जांच की गई है। जांच में तीन आंगनबाड़ी भवन 2-2 लाख राशि उठाव के बाद भी नींव तक नही पाया गया। वहीं दो आंगनबाड़ी भवन लगभग पूरा है । जबकि दो भवन का कार्य किया जा रहा था ।प्र थम दृष्टया तीन वर्ष पूर्व राशि निकासी के बाद भी कार्य नही होना बड़ी लापरवाही है । जांच रिपोर्ट वरीय पदाधिकारी को दिया जाएगा।

Find Us on Facebook

Trending News