संसदीय क्षेत्र में ही 'चिराग' की मिट्टी पलीद! तारापुर में महज 5350 वोट से करना पड़ा संतोष, 2020 में लोजपा को मिले थे 11 हजार मत

संसदीय क्षेत्र में ही 'चिराग' की मिट्टी पलीद! तारापुर में महज 5350 वोट से करना पड़ा संतोष, 2020 में लोजपा को मिले थे 11 हजार मत

PATNA: बिहार विधानसभा के उप चुनाव में कांग्रेस और चिराग पासवान की भद्द पिट गई। चिराग पासवान के संसदीय क्षेत्र जमुई में ही तारापुर है। इस विधानसभा क्षेत्र के चुनाव परिणाम में लोजपा(रामविलास) औंधे मुंह गिर गई। लोजपा की ऐसी दुर्दशा हुई जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते। वही हाल कांग्रेस की भी रही।इस बार कांग्रेस पार्टी राजद से अलग होकर चुनाव लड़ी थी। लेकिन लुटिया डूब गई। दोनों विस सीट कुशेश्वरस्थान व तारापुर में चिराग पासवान का कैंडिडेट की करारी हार हुई। वहीं काग्रेस पार्टी की स्थिति को चिराग पासवान से भी खराब रही।

संसदीय क्षेत्र में ही चिराग की मिट्टी पलीद

लोजपा(रामविलास) ने तारापुर सीट से इस बार कुमार चंदन को उम्मीदवार बनाया था। वहीं कांग्रेस ने राजेश कुमार मिश्रा को मैदान में उतारा। चिराग अपने संसदीय क्षेत्र के विस तारापुर में अपने कैंडिडेट को जीताने के लिए कड़ी मिहनत की। लेकिन उनकी मंशा पर वहां के वोटरों ने पानी फेर दिया। चिराग के कैंडिडेट को तारापुर में केवल  5350 मत मिले। जबकि 2020 के विधानसभा चुनाव में लोजपा कैंडिडेट रहे मीना देवी को 11264 मत मिले थे। साल भर के अंदर ही चिराग पासवान को भारी झटका लगा। पिछले साल के मुकाबले इस बार 5914 वोट कम मिले। तारापुर में कांग्रेस के कैंडिडेट राजेश मिश्रा को महज 3570 वोट से संतोष करना पड़ा। 

तारापुर में 3821 मत से जेडीयू कैंडिडेट जीते

इस बार तारापुर से जेडीयू कैंडिडेट राजीव सिंह ने बाजी मारी। जेडीयू कैंडिडेट को 78966 मत मिले। वहीं राजद कैंडिडेट अरूण कुमार साह को 75145. यानी 3821 मतों के अंतर से जेडीयू ने जीत दर्ज की। वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो जेडीयू कैंडिडेट रहे मेवालाल चौधरी को 64468 मत मिले थे। वहीं राजद कैंडिडेट रहीं दिव्या प्रकाश को 57243 मत। इस तरह से 7225 वोट के अंतर से जेडीयू कैंडिडेट रहे मेवालाल चौधरी की जीत हुई थी। हालांकि इस बार के उप चुनाव में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच जीत का अंतर कम हुआ है। फिर भी जेडीयू ने अपनी प्रतिष्ठा बचा ली।

 चिराग और कांग्रेस की भारी बेइज्जती!

कुशेश्वरस्थान सीट पर कांग्रेस और चिराग पासवान की पार्टी लोजपा(रामविलास) कहीं लड़ाई में ही नहीं रही। लोजपा (रामविलास) कैंडिडेट अंजू देवी को 5623 मत व कांग्रेस कैंडिडेट को 5602 मत मिले। वहीं राजद उम्मीदवार गणेश भारती को 47184 मत मिले। जबकि विजयी उम्मीदवार जेडीयू के अमन भूषण हजारी को 59882 मत मिले। इस तरह से एक बार फिर से जेडीयू कैंडिडेट ने बाजी मार ली। इस बार के चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने कुशेश्वरस्थान सीट पर अपने उम्मीदवार को जीताने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। वहीं चिराग पासवान ने भी खूब पसीना बहाया था। लेकिन वोटरों ने इन दोनों पर विश्वास नहीं किया।

शशिभूषण हजारी के बेटे अमन हजारी की हुई जीत 

2020 में विधानसभा के उप चुनाव में भी जेडीयू कैंडिडेट शशिभूषण हजारी की जीत हुई थी। तब जेडीयू कैंडिडेट शशिभूषण हजारी को 53980 व महागठबंधन की तरफ से कांग्रेस कैंडिडेट अशोक कुमार को 46748 मत मिले थे। जबकि लोजपा कैंडिडेट पूनम कुमारी को 13362 मत मिले थे। इस तरह से जेडीयू कैंडिडेट की 7232 मतों से जीत हुई थी। इस बार के उप चुनाव में शशिभूषण हजारी के बेटे अमन भूषण हजारी ने जीत का रिकार्ड बरकरार तो रखा ही अंतर को बढ़ाते हुए 12698 पर पहुंचा दिया। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार को 2020 में 46748 मत मिले। तब राजद समेत महागठबंधन के अन्य दल भी कांग्रेस के साथ थे। इस बार कांग्रेस अपने दम पर चुनाव लड़ी और केवल 5602 मत ला सकी। लोजपा (रामविलास) की भी वही स्थिति रही। चिराग की पार्टी भी औंधे मुंह गिरी। 2020 में 13 हजार मत लाने वाले चिराग पासवान की पार्टी इस बार 5623 वोट पर ही सिमट गई। 

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