निशानेबाजी के विश्वकप में भारत के "अर्जुन" ने लगाया "अचूक" निशाना, सीधा गोल्ड पर किया कब्जा

निशानेबाजी के विश्वकप में भारत के "अर्जुन" ने लगाया "अचूक" निशाना, सीधा गोल्ड पर किया कब्जा

DESK :  महाभारत के अर्जुन का निशान कभी चुकता नहीं था। कुछ ऐसा ही कारनामा आज के समय के अर्जुन ने किया है वह भी निशानेबाजी के विश्व कप में। दक्षिण कोरिया के चैंगवान में चल रहे निशानेबाजी के भारतीय निशानेबाजी ने एक बार फिर से साबित किया है क्यों दुनिया में उनका डंका बजता है। यहां जूनियर से सीनियर  वर्ग में टीम में शामिल किए गए अर्जुन बबूता ने अपने पहले ही विश्व कप में सीधा गोल्ड मेडल पर निशाना साधा है।  युवा निशानेबाज अर्जुन ने यह कारनााम आईएसएसएफ विश्व कप की पुरुष 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में किया है।

ओलंपिक के रजत पदक विजेता से था मुकाबला

स्वर्ण पदक के मुकाबले में अर्जुन और तोक्यो ओलंपिक के रजत पदक विजेता लुकास कोजेंस्की के बीच कड़ी टक्कर हुई. अर्जुन ने रजत पदक विजेता लुकास कोजेंस्की को 17-9 से मात दी और अपने नाम जीत दर्ज करवाई। पंजाब के 23 साल के अर्जुन 2016 से भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इससे पहले वह रैंकिंग मुकाबले में 661.1 अंक के साथ शीर्ष पर रहते हुए स्वर्ण पदक के मुकाबले में जगह बनाने में सफल रहे थे। 

सीनियर टीम के साथ पहला पदक 

यह अर्जुन का सीनियर टीम के साथ पहला स्वर्ण पदक है। उन्होंने अजरबेजान के गबाला में 2016 जूनियर विश्व कप में स्वर्ण पदक जीता था। स्पर्धा में हिस्सा ले रहे एक अन्य भारतीय पार्थ मखीजा 258.1 अंक के साथ चौथे स्थान पर रहे। इजराइल के 33 साल के सर्गेई रिक्टर 259.9 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहे। देश के लिए पहला स्वर्ण पदक जितने वाले युवा निशानेबाज अर्जुन बबूता ने भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ को उन पर भरोसा करने के लिए शुक्रिया अदा किया.

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