नेपाली बाघिन की आशिकी में पागल हुआ हिन्दुस्तानी बाघ, ले ली आठ माह के शावक की जान

नेपाली बाघिन की आशिकी में पागल हुआ हिन्दुस्तानी बाघ, ले ली आठ माह के शावक की जान

BETIA : प्यार में किसी की जान ले लेना आम तौर पर इंसानों में देखा जाता है, लेकिन यहां एक बाघ ने शावक बाघ की सिर्फ इसलिए हत्या कर दी, क्योंकि वह बाघिन के प्यार में बड़ी बाधा बन गया था। बाघ-बाघिन के बीच प्रेम और हत्या की यह बिहार के वाल्मिकी टाइगर रिजर्व की है। जहां से आठ माह के शावक बाघ का शव बरामद किया गया है। 

बताया गया कि पश्चिम चंपाारण जिले के वाल्मीकिनगर के कौलेश्वर मंदिर के समीप आठ महीने की एक मादा बाघिन का शव बरामद ( Cub Body Recovered From VTR ) किया गया है। वन विभाग के एक अधिकारी के अनुसार कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व ( Valmiki Tiger Reserve ) के कालेश्वर मंदिर के पास से सोनहा नदी के किनारे एक शावक का शव बरामद किया गया हैं। उन्होंने बताया कि जिस नदी के पास से शव बरामद किया गया है वह भारत और नेपाल की सीमाओं को बांटती है. मौत के कारणों का सही पता लगाया जा रहा है. प्रथम दृष्टया मौत का कारण आपसी संघर्ष बताया जा रहा है. 

शावक के सभी अंग सुरक्षित

वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व के वन संरक्षक सह निदेशक हेमकांत राय ने बताया कि मृत शावक के सभी अंग सुरक्षित हैं, शव पर कहीं भी जख्म के निशान नहीं हैं। निदेशक ने कहा कि शावक के बिसरा को सुरक्षित रख लिया गया है, जिसे देहरादून, बरेली और पटना वेटनरी कॉलेज जांच के लिए भेजने की व्यवस्था की जा रही है

नेपाल से आई थी बाघिन

वीटीआर वन संरक्षक सह निदेशक हेमकांत राय की मानें तो '3 और 4 जनवरी को इस क्षेत्र के पास एक बाघिन को देखा गया था. इसका मिलान करने पर पता चला कि वह नेपाल की रहने वाली थी. वहीं, एक बाघ को भी देखा गया था. वह भारत का रहने वाला है. उसे पहले भी चिन्हित किया गया है। 

मेटिंग में बन रही थी बाधा

हेमकांत राय ने बताया कि प्रथम दृष्टया लगता है कि बाघ-बाघिन के साथ मेटिंग (Cub Was Becoming A Hindrance In Mating) करना चाह रहा होगा, जिसमें संभवत: शावक बाधा बन रही होगी. इसी कारण अपनी प्रवृत्ति के कारण बाघ ने शावक को मार डाला होगा. बाघिन का पग मार्ग नेपाल की तरफ जाते हुए देखा गया है. 

बता दें कि 12 दिसंबर 2021 को एक बाघिन की मौत हुई थी. चकरसन मानपुर के खेत में बाघिन का शव मिला था

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